
वार्ड नंबर 37 पश्चिमी झंडी चौड, वार्ड नंबर 39 पूर्वी झंडी चौड, वार्ड नंबर 40 ताला हल्दूखाता यूपी सीमा से सटे हुए किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को लगातार जंगली जानवर हाथियों ने बहुत बड़ा नुकसान पहुंच रहे हैं पिछले दिनों तीनों वार्डों के जंगल से सटे हुए किसानों की एक बैठक वार्ड 37 के पार्षद सुखपाल शाह अध्यक्षता में हुई थी इसमें भी किसानों ने वन विभाग के व्यवहार से बहुत


नाराजगी हुई थी तथा ग्रामीणों ने वन विभाग को अवगत कराया गया था कि जंगल से सटे हुए परिवारों को गांधी बंदूक, पटाका, टॉर्च दी जाए ताकि वह अपने खड़ी फसल की रखवाली व जान माल की सुरक्षा कर सके मगर वन विभाग क्षेत्र में ग्रस्त नहीं लगा रहा है जिससे किसानों की कई एकड़ खड़ी गेहूं की फसल को हाथी द्वारा नष्ट किया गया है किसान भूखमरी यह कगार पर पहुंच चुके हैं मगर किसानों का शुद्ध लेने के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि आगे नहीं आ रहा है इस अवसर पर वार्ड 37 पश्चिमी झंडी चौड के पार्षद सुखपाल शाह, वार्ड 39 के पार्षद पति कृष्ण चंद खंतवाल, वार्ड 40 के पार्षद मनीष नैथानी लैंसडाउन वन प्रभाग के डीएफओ आकाश गंगवार व प्रशासनिक अधिकारी से मुलाकात की तीनों प्रतिनिधियों ने गंगवार जी से कहां की हमारे वार्ड कोटद्वार रेंज, लाल डांग रेंज में आते हैं इसमें वन विभाग कोटद्वार को किसनौ की खेत फसल की सुरक्षा वह जान माल की सुरक्षा वन विभाग की जिम्मेदारी है इस ओर वन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है पूर्व में वार्ड 37 के राजेंद्र सिंह पुत्र मथुरा सिंह की गाय को गुलदार द्वारा उनके घर पर निवाला बना दिया गया था पूरे कागज विभाग को दिए मगर उसमें भी इस परिवार को कोई सहायता उपलब्ध नहीं हुई गंगवार जी ने आश्वासन दिया कि रात्रि गस्त पटाखे व टोर्च की व्यवस्था की जाएगी उन्होंने कहा की दीवाल के लिए इसका एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा इस अवसर पर सुखपाल शाह ने कहा लंबे समय से वार्ड 37 पश्चिमी झंडी से तल्ला हल्दूखाता तक 4 ,5 किलोमीटर लगभग हाथी सुरक्षा दीवाल की मांग करते आ रहे हैं मगर किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जा रहा है पिछले दिनों की बैठक में भी किसानों ने एक शुर में कहा यदि हमारे क्षेत्र में सुरक्षा दिवाल नहीं बनाई गई तो क्षेत्र के किसान जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी



