*पूर्व सैनिक संघर्ष समिति की बैठक में पूर्व सैनिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दे तथा उनके समाधान को लेकर तय की गई रणनीति*, *गरिमामयी भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिकों की समस्याओं और सम्मान को देंगे प्राथमिकता: महेन्द्र पाल सिंह रावत अध्यक्ष पूर्व सैनिक संघर्ष समिति*

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, आज पूर्व सैनिक हितार्थ बैठक बड़े सौहार्द रूप मे समाप्त हुई जिसमे पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार के द्वारा प्रत्येक बिंदू पर एसडीएम लैंसडौन, मुख्य अभिलेख अधिकारी महोदय गढवाल राइफल्स और जिला सैनिक अधिकारी महोदय लैंसडौन और पौड़ी के द्वारा क्रमवार चर्चा करते हुए प्रत्येक विषय पर आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा। जिसकी सूचना संबंधित शिकायत करता संगठन को भेजी जाएगी।


इस बैठक की अध्यक्षता श्रीमती शालनी मौर्य ने बतौर जिलाधिकारी पौड़ी के उत्तराधिकारी के रूप में की, विषय निम्न लिखित थे:–

रोजगार पुनर्वास की कमी

  1. पूर्व सैनिकों को पुनर्वास की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में मुश्किल होती है इसके लिए समय समय पर रोजगार मेलों की आयोजन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। वेटरन सेल
  2. कोटद्वार में वेटरन सेल की स्थापना राजस्व विवाद
  3. प्रायः देखा गया है कि सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक, वीर नारियों और दिव्यांग पूर्व सैनिक राजस्व विवादों में घिरे रहते है। राजस्व विवादों के निराकरण हेतु तहसील स्तर पर सरकारी तंत्र से वार्ता की व्यवस्था की जाए जिससे पूर्व सैनिक, वीर नारियों और दिव्यांग सैनिकों को अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी गई जमीनों के संबंध में बिचौलियों के गोरख धंधे से उत्पन्न होने वाले विवादों से निजात मिल सके। निम्न पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की भूमि विवाद को बैठक में रखा गया।
    शूरवीर खेतवाल
    सुरेंद्र सिंह
    लाजवंती देवी
    रेनू नेगी
    नोट:–उपरोक्त भूमि विवाद के विषय मे श्रीमती शालिनी मौर्य महोदय ने कहा
    कि इन विषयों को जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल के माध्यम से निस्तारण ओर समाधान तहसील और थाना कोटद्वार को भेजा जाएगा। तहसील स्तर पर पूर्व सैनिक पटल की स्थापना
  4. पूर्व सैनिकों को तहसील स्तर पर अपनी जमीन, पेंशन, और अन्य संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वर्तमान में तहसील कार्यालयों में पूर्व सैनिकों के लिए अलग पटल/कार्यालय नहीं है। पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए तहसील स्तर पर अलग पटल/कार्यालय खोलने की आवश्यकता है, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान करने में आसानी हो और उन्हें भारी परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिस की अभद्रता
  5. सिविल पुलिस के द्वारा सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ अभद्रता – आजकल देश भर मे सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ अभद्रता के प्रकरणों में वृद्धि हुई है इसके निराकरण के लिए रक्षा मंत्रालय के द्वारा गृहमंत्रालय के माध्यम से राज्यों को एडवाइजरी जारी करने की आवश्यकता है क्योंकि यह एक गंभीर चिंता का विषय है। जो सैनिकों, पूर्व सैनिकों के मान और सम्मान से जुड़ा हुआ है। (राज्य सरकार का विशेषाधिकार) एम्बुलेंस की उपलब्धता
  6. पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य प्रशिक्षण के लिए कोटद्वार से बाहरी अस्पतालों में जाना पड़ता है इसके लिए आकस्मिक स्वास्थ्य उपचार के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाती है इसके निराकरण के लिए राज्य के गैर सरकारी संस्थानों से संपर्क कर एम्बुलेंस की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है। (वेटरन सेल सब एरिया देहरादून/ई सी एच एस प्रबंधन) जलपान की व्यवस्था
  7. कोटद्वार में गोल्डन फिश सी एस डी कैंटीन और ईसीएचएस कैंटीन परिसर के अंतर्गत स्थापित हैं। यहां 1110 ग्राहकों के साथ-साथ रोजाना 300-400 पूर्व सैनिकों की ओपीडी होती है। लेकिन आसपास जलपान की दुकान नहीं होने से ग्राहकों और मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। इसलिए, कैंटीन परिसर में जलपान की सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। (गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल केंद्र) सेवारत सैनिकों और पूर्व सैनिक आश्रितों के लिए कम्युनिटी हाल की व्यवस्था
  8. कोटद्वार एक सैन्य बाहुल्य क्षेत्र है जिसमें लगभग 41250 तीनों सेनाओं और अर्ध सैनिक बलों के परिवार निवासरत है जिनके लिए एक सामुदायिक जगह की नितांत आवश्यकता है जहां पर हर प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों को संपादित किए जा सके। इसके लिए राज्य सरकार से भूमि की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। (राज्य सरकार) कोटद्वार में पूर्व सैनिक वेलनेस केंद्र की स्थापना
  9. कोटद्वार मे एक ई सी एच एस पॉलीक्लिनिक है जिसके अंतर्गत एक वेलनेस केंद्र ओर रेस्ट रूम की नितांत आवश्यकता है जहां पर फिजियोथैरेपी, जिम और दुरुस्त क्षेत्रों से आए पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उपचार पूर्व आराम ले सके। (ई सी एच एस प्रबंधन) कैंटीन व्यवस्थाएं
  10. कोटद्वार गोल्डन फिश कैंटीन की व्यवस्था विगत कुछ सालों से निरंतर बीमार है जिसके सुधार की नितांत आवश्यकता है यह भी देखने में आया है कि विगत 4 दिन से कैंटीन में हड़ताल हो रखी है जो अमान्य और सेना की कैंटीन नियमावलीयो के विरुद्ध है हम कैंटीन एडमिनिस्ट्रन से अनुरोध करते है जो भी गतिरोध कैंटीन मे है उसको तत्काल रूप से हल किए जाने की आवश्यकता है ज्यादा दिन तक इस तरह की हड़ताल पूर्व सैनिकों के मनोबल और सेना के प्रति उनकी आस्था को कमजोर कर सकती है। कैंटीन व्यवस्था में सुधार की तत्काल ओर प्राथमिकता से आवश्यकता है ।(गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल केंद्र) हमारा लगातार प्रयास है कि पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के हितों की समस्याओं और इनके मान सम्मान के लिए हम निरंतर करते रहेंगे। हमारा उद्वेश्य संगठन के प्रत्येक व्यक्ति को अहसास दिलाना है कि संगठन आपके साथ सदा खड़ा है
    हम आज की बैठक के सफल आयोजन के लिए जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय लैंसडौन का आभार प्रकट करते है।

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