*राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में रोवर्स /रेंजर इकाई कोटद्वार क़े तत्वाधान में तीन दिवसीय बिगनर्स कोर्स का शुभारंभ*

Date:

Share post:

विगत 21 अप्रैल 2026 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में रोवर्स /रेंजर इकाई कोटद्वार क़े तत्वाधान में तीन दिवसीय बिगनर्स कोर्स का शुभारंभ किया गया म्हाविद्यालय क़े प्राचार्य प्रोफेसर डीएस नेगी ने माँ सरस्वती क़े चित्र पर पुष्प अर्पित तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया साथ ही उन्होंने सभी रोबर्स रेंजर को शुभकामनायें प्रेसित की एवं पूर्ण निष्ठा से प्रशिक्षण को पूरा करने के लिये प्रेरित किया इसमें प्रशिक्षक के रूप में जिला गाइड आयुक्त पोड़ी श्रीमती शांति रतूड़ी एवं जिला संग़ठन आयुक्त स्काउट पौड़ी श्री रूप चंद्र लखेड़ा रहे प्रथम दिन के उद्घाटन सत्र में प्रशिक्षण का आरंभ झंडा रोहण व झंडा गीत से किया गया तत्पश्चात स्काउट गाइड प्रार्थना संपन्न की गई तथा ध्वजारोहण के नियम रोबर्स रेंजर्स प्रशिक्षक द्वारा बताये गये सूक्ष्म जलपान के बाद प्रथम सत्र का प्रारम्भ हुआ रेंजर्स प्रभारी डॉ सुषमा भट्ट थलेड़ी ने सभी आगमंतुकों का स्वागत करते हुए आगामी तीन दिवसों की गतिबिधियों से समस्त रोबर्स रेंजर्स को अवगत कराया इस अवसर पर प्रशिक्षक श्रीमती शांति रतूड़ी ने बताया कि यह एक विश्व व्यापी संगठन है जो की वसुदेव कुटुंबकम की भावना से प्रेरित होकर कर्तव्य पालन की शिक्षा देता है साथ ही उन्होंने स्काउट गाइडऔर रोबर्स रेंजर के विभिन्न सिद्धांतों से समस्त प्रशिक्षशर्थीयों को अवगत कराया और उनको बिभिन्न टोलियो में बिभक्त कर उनके कार्य आवंटित किये भोजनोंउपरांत द्वितीय सत्र में प्रशिक्षक श्री रूप चंद्र लखेडा ने स्काउट गाइड के चिहनो से अवगत कराते हुये स्काउट गाइड के जनक बेडन पावेल के जीवन परिचय से अवगत कराते हुये आंदोलन की जानकारी दी इस प्रशिक्षण में रॉबर्स प्रभारी के रूप में डॉ जुनिस कुमार एवं रेंजर्स प्रभारी के रूप में सुषमा भट्ट थलेड़ी रहे आज के प्रथम दिवस में महाविद्यालय के प्रोफेसर रमेश चंद चौहान प्रोफेसर राखी डिमरी तथा सदस्य के रूप में डॉ सुरभि मिश्रा डॉ जेसी भट्ट सहित समस्त प्रतिभागी छात्र छत्राएं उपस्थित रहे

Related articles

*धर्म का मर्म: आखिर क्यों चढाते हैं पीपल वृक्ष में जल? क्या है महात्म्य*

श्मशान में जब महर्षि दधीचि के माँसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति...

*धर्म का मर्म: कहा जाता है भगवान श्रीकृष्ण की चौसठ कलाएँ, कौन कौन सी थी वो चौसठ कलाएँ*

भगवान श्रीकृष्ण एवं 64 कलाएं ?* श्री कृष्ण अपनी शिक्षा ग्रहण करने आवंतिपुर (उज्जैन) गुरु सांदीपनि के आश्रम में...

*धर्म का मर्म: मृत्यु के बाद मृतक की तीन गति जाने कौन कौन सी*

मृत्यु के बाद कौन पहुंचता है देवलोक मृत्यु के बाद व्यक्ति की तीन तरह की गतियां होती हैं- उर्ध्व गति, स्थिर...

बंगाल चुनाव: चुनाव कोई भी जीते मोदी बंगाल के लोगों के दिल को छू गये

बंगाल के लोगों का दिल जीत लिया मोदी ने: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कुशल राजनीतिज्ञ, कुशल चुनाव प्रबंधन...