रिखणीखाल। सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) ऋषि कण्डवाल ने रथुवाढ़ाब-कुमाल्डी में आयोजित एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ऋषि कण्डवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना होगा।

इस अवसर पर उन्होंने झुण्डाई-सारी-धामधार-कर्तिया नहर से संबंधित लापरवाही और किसानों को हो रही समस्याओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र के प्रत्येक किसान के खेत तक सिंचाई का पानी सुगमता से पहुंचे और किसानों की फसलों को किसी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं एवं विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनकी उपस्थित जनसमूह ने सराहना की।

इस अवसर पर शिक्षाविद प्रवेश नवानी, लोक निर्माण विभाग के पूर्व एचओडी एवं मेजर महावीर सिंह रावत, दिनेश अकेला, यशवंत सिंह रावत सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा क्षेत्रीय विकास एवं किसानों से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करना रहा।
