समंदर में अमेरिका-रूस आमना-सामना! नाटकीय पीछा करने के बाद रूसी ऑयल टैंकर जब्त

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अमेरिका और रूस के बीच चल रहा तनाव अब एक ऐसे मुकाम पर पहुँच चुका है, जहाँ हालात किसी भी वक्त और बिगड़ सकते हैं। उत्तरी अटलांटिक महासागर में हफ्तों तक चले हाई-टेंशन घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने रूस के झंडे वाले तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई इसलिए भी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि ऑपरेशन के दौरान उसी इलाके में रूसी नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियाँ भी सक्रिय थीं। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।

सिर्फ अटलांटिक ही नहीं, बल्कि कैरेबियन सागर में भी अमेरिका ने एक और बड़ी कार्रवाई की। वेनेजुएला से आ रहे एक तेल टैंकर को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रोका और जब्त कर लिया। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने दोनों ऑपरेशनों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई तथाकथित ‘घोस्ट फ्लीट’—यानी अवैध तेल व्यापार में लगे जहाजों—के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी चोट है।

क्रिस्टी नोएम के मुताबिक, अमेरिकी तटरक्षक बल ने तड़के बेहद योजनाबद्ध और सटीक तरीके से दो अलग-अलग ऑपरेशन अंजाम दिए। पहला ऑपरेशन उत्तरी अटलांटिक में किया गया, जहाँ मोटर टैंकर ‘बेला-1’ को पकड़ा गया। दूसरा ऑपरेशन कैरेबियन सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ, जहाँ मोटर टैंकर ‘सोफिया’ को अपने कब्जे में लिया गया। इन दोनों जहाजों का संबंध या तो हाल ही में वेनेजुएला से रहा था या ये प्रतिबंधित तेल लेकर वहाँ जाने वाले थे।

वेनेजुएला को लेकर बढ़ा तनाव, रूस ने भेजी पनडुब्बी

समंदर में अमेरिका-रूस आमना-सामना! नाटकीय पीछा करने के बाद रूसी ऑयल टैंकर जब्त

इससे पहले अमेरिकी यूरोपीय कमान ने जानकारी दी थी कि वेनेजुएला के तेल कारोबार से जुड़े रूसी टैंकर ‘मरीनेरा’ को अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने मिलकर नियंत्रित किया है। यह कार्रवाई फेडरल कोर्ट के वारंट के तहत की गई, जिसमें जहाज पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

युद्धपोतों और पनडुब्बियों की मौजूदगी में हुआ ऑपरेशन

यह जब्ती उस वक्त हुई जब आइसलैंड के नजदीक समुद्र में रूसी नौसेना की पनडुब्बी और कई युद्धपोत तैनात थे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस टैंकर को पकड़ना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। इसे कई हफ्तों तक अटलांटिक महासागर में ट्रैक किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टैंकर पहले अमेरिकी समुद्री निगरानी से बच निकलने में कामयाब हो चुका था। इसने अमेरिकी कोस्ट गार्ड के निर्देशों को नजरअंदाज किया और जहाज पर चढ़कर जांच करने की अनुमति भी नहीं दी। गिरफ्तारी से बचने के लिए टैंकर ने बीच समुद्र में ही अपना झंडा और पंजीकरण तक बदल लिया था, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे।

हालात तब और गंभीर हो गए जब खुफिया रिपोर्टों में यह सामने आया कि जिस रूट से यह टैंकर गुजर रहा था, वहाँ रूसी नौसेना की गतिविधियाँ अचानक तेज हो गई थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने माना कि ऑपरेशन के दौरान रूसी युद्धपोत और एक पनडुब्बी उसी इलाके में मौजूद थे। हालाँकि, दोनों के बीच की सटीक दूरी नहीं बताई गई, लेकिन उनकी मौजूदगी ने इस पूरे मिशन को बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा बना दिया।

ब्रिटेन की अहम भूमिका

इस जटिल ऑपरेशन में ब्रिटेन का सहयोग निर्णायक साबित हुआ। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह मिशन अमेरिकी सेना और तटरक्षक बल ने मिलकर अंजाम दिया, लेकिन ब्रिटेन ने इसे सफल बनाने के लिए अपनी जमीन और संसाधन उपलब्ध कराए। टैंकर पर नजर रखने और ऑपरेशन की तैयारी के लिए ब्रिटिश हवाई अड्डों का इस्तेमाल किया गया। जब रूसी टैंकर आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच के समुद्री इलाके से गुजर रहा था, तब रॉयल एयर फोर्स के निगरानी विमानों ने उसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी और लगातार अमेरिकी बलों को सटीक जानकारी दी।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद और भड़का विवाद

गौर करने वाली बात यह है कि यह पूरी कार्रवाई वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद हुई। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने कराकस में एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान मादुरो को हिरासत में लिया और नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े मामलों में मुकदमे के लिए उन्हें अमेरिका ले जाया गया।
वेनेजुएला सरकार ने इस कदम को सीधा ‘अपहरण’ करार दिया है। वहाँ के वरिष्ठ अधिकारियों का आरोप है कि अमेरिका का असली मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर कब्जा जमाना है।

रूस-अमेरिका रिश्तों पर गहराता संकट

हाल के वर्षों में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है कि अमेरिका ने खुले समुद्र में रूसी झंडे वाले किसी वाणिज्यिक जहाज को इस तरह जब्त किया हो। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद रूस की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। इससे यूक्रेन और वेनेजुएला जैसे पहले से संवेदनशील मोर्चों पर तनाव और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है।

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