यमकेश्वर क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल योजनाओं पर मंथन, मंत्री ऋषि कण्डवाल बोले—जनहित सर्वोपरि

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सिंचाई राज्य मंत्री ऋषि कण्डवाल ने यमकेश्वर क्षेत्र में की विकास योजनाओं की समीक्षा, डाडामंडी झील परियोजना को बताया क्षेत्र के लिए गेम चेंजर.

यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश के सिंचाई राज्य मंत्री ऋषि कण्डवाल ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान लक्ष्मणझूला, गैंडखाल, जाखणीखाल, द्वारीखाल तथा डाडामंडी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में क्षेत्र में संचालित सिंचाई योजनाओं, पेयजल परियोजनाओं तथा विकास कार्यों की प्रगति पर गहन चर्चा की गई।

बैठकों में जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी प्रस्तावों को मंत्री के समक्ष रखा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की गति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री ऋषि कण्डवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए।

सिंचाई राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तथा यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

बैठक के दौरान डाडामंडी क्षेत्र में प्रस्तावित झील निर्माण परियोजना विशेष चर्चा का केंद्र रही। मंत्री ऋषि कण्डवाल ने कहा कि यह परियोजना भविष्य में यमकेश्वर क्षेत्र के लिए पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि झील निर्माण से जहां स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं दुगड्डा और कोटद्वार नगर क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है। क्षेत्र के दूरस्थ गांवों तक सिंचाई और पेयजल सुविधाएं पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार उन्हें विभागीय योजनाओं में शामिल किया जाएगा।

समीक्षा बैठकों में स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सिंचाई नहरों के रखरखाव, पेयजल संकट, क्षतिग्रस्त जल स्रोतों और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं को भी उठाया। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

दो दिवसीय दौरे के दौरान मंत्री ऋषि कण्डवाल ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया तथा स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

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