कोरोना काल जैसे हालात के लिए रहें तैयार प्रधानमंत्री मोदी के बयान के मायने क्या है: मिडिल ईस्ट में ईरान अमेरिका युद्ध पर अनिश्चितता के हालात हैं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान अनिश्चितता को और बढावा दे रहे हैं, विगत दिवस उनका बयान कि ईरान से मुझे मंहगा तोहफा मिला है अपने आप में कुछ नये सवाल खड़े कर जाता है कि ट्रंप का बयान खर्ग द्वीप को लेकर हो सकता है खर्ग द्वीप पर तेल और गैस का अकूत भण्डार है तथा अमेरिका की नजर खर्ग पर नियंत्रण की हो सकती है। इसके अतिरिक्त अपुष्ट सूत्रों से छन छन कर आ रही खबरों पर यकीन करें तो ईरान चीन को छोड़कर हर विदेशी जहाज से लगभग बीस करोड़ रुपये आतंक प्रसार टैक्स वसूल रहा है, इससे तेल कंपनियों के आगे भारी आर्थिक संकट के हालात बन रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने दुनिया भर के लोगों को हैरत में डाल रखा है, वै कभी युद्ध रोकने और ईरान से वार्ता की बात करते हैं तो कभी ईरान से तोहफा मिलने की, कभी पांच दिन दो दिन के युद्ध विराम की बात करते हैं ट्रंप के ऊलजलूल बयान और हरकतों ने दुनिया भर के देशों में अनिश्चितता और बढ़ा दी है कि भविष्य में उनके यहाँ ऊर्जा जरूरतों का क्या होगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान कि देश की जनता को कोरोना काल जैसे हालात के लिए भी तैयार रहना पड़ सकता है, भारत तेल और गैस को लेकर साठ प्रतिशत दूसरे देशों से आयात करता है तथा एक अरब पचास करोड़ की विशाल आबादी वाले देश में लगभग एक करोड़ के आसपास गैस सिलेंडर हर रोज उपयोग हेतु लिए जाते हैं उसी तरह पैट्रोलियम पदार्थों की भी बड़ी खपत है, भारत जैसे बहुत बड़ी जनसंख्या वाले देश में यद्यपि 30 दिनों की भण्डारण क्षमता है लेकिन इस एक अरब पचास करोड़ की आबादी वाले देश के दैनिक खपत के लिहाज से यह बहुत सीमित है। इन बिषम हालातों के बावजूद भारत सरकार लगभग चालीस देशों से गैस और तेल के निर्बाध आपूर्ति को लेकर प्रयास कर रही है। ईरान ने होमूर्ज में भारत के लगभग चौबीस तेल टैंकर रोक रखे हैं जिससे हालात कहीं ना कहीं प्रभावित हुए हैं, आशा की जानी चाहिए कि इस युद्ध का किसी सकारात्मक संधि के साथ विराम हो यह ईरान के साथ पूरी दुनिया के हित में होगा लेकिन यदि यह युद्ध लंबा खिंचा तो निश्चित रूप से भारत सहित दुनिया के अनेकों देशों में बडा़ ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है तथा तेल और गैस की समस्या खड़ी हो सकती है जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान दिया कि देश को कोरोना काल जैसे हालात के लिए तैयार रहना होगा पूरे देश को एक मजबूत इरादों वाले देश का चरित्र प्रदर्शित करना होगा कुछ नेता इस विपरीत हालात को अवसर के रूप में उपयोग करेंगे लेकिन पूरे देश को टीम इंडिया के रूप में मजबूती के साथ एक संकल्प के साथ एक परिवार बनकर एक जुटता के साथ खड़े रहने की आवश्यकता होगी इसी तरह की बात प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल में देशवासियों से विपरीत हालात में एक जुट रहने को लेकर कही थी। निश्चित रूप से दुनिया भर के साथ अति विशाल जनसंख्या वाले भारत के आगे चुनौतियां बहुत बड़ी है भारत सरकार देश के हर नागरिक को सहुलियत देने का हर संभव प्रयास कर रही है देश में विकट हालात के बावजूद फिलहाल गैस और तेल की स्थिति सामान्य बनी हुई है हां आमजनता के मन में भविष्य के हालात को लेकर चिंता जरूर है जिसके चलते गैस एजैंसियो में भीड़ दिखाई दे रही है लोग इन हालातों में भण्डारण को अधिक महत्व दे रहे हैं जबकि सरकार बार बार देश में गैस और तेल की कोई कमी नही है जैसे बयान जारी कर रही है आशा की जानी चाहिए कि ईरान और अमेरिका को सद्बुद्धि आये दुनिया भर में ऊर्जा संकट अधिक ना बढने पाये मंहगाई नियंत्रण में रहे तथा आम लोगों पर इसका प्रभाव कम से कम हो(अजय तिवाड़ी)
*देश कोरोना काल जैसे हालात के लिए भी तैयार रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान के क्या हैं मायने* *अजय तिवाड़ी*
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