हिंदी दिवस पर विशेष “हिंदी में बात है- क्योंकि हिन्दी में जज्बात है”।शिक्षक हर्षोल्लास जे. पी ़ कुकरेती।

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हिंदी दिवस पर विशेष “हिंदी में बात है- क्योंकि हिन्दी में जज्बात है”। जे. पी ़ कुकरेती।

📙 “हिन्दी-दिवस”- प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि, हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष “हिन्दी-दिवस” के रूप में मनाया जाता है।”

“💫एक तथ्य यह भी है कि 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी के पुरोधा व्यौहार राजेन्द्र सिंहा का 50-वाॅं जन्मदिन था, जिन्होंने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए बहुत लंबा संघर्ष किया”💫

📙 “स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किए।”
✍️✍️🌈 “हिंदी से हिंदुस्तान हैं, तभी तो हिंदी हमारी शान हैं। आओं-मिलकर हिन्दी का सम्मान करे, अपने देश का मान करें।”🌈

💫✒ “जो भाषा सबसे ज्यादा बोली जाती हैं, सब की एकता दिखाती हैं, हिन्दी-भाषा देश की शान बढाती हैं। आओं-एक साथ मिलकर “हिन्दी” का साथ अपनाए।”💫

📙 “स्वतंत्र भारत की राष्ट्रभाषा के प्रश्न पर,14 सितम्बर-1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया जो, भारतीय-संविधान के भाग-17 के अध्याय की अनुच्छेद 343 (1) में इस प्रकार वर्णित है:-“

📙 “संघ की राष्ट्रभाषा “हिन्दी और लिपि देवनागरी” होगी। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।”

📘 “बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी-भाषा, पूरे विश्व में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढ़ने और लिखने वालों में यह संख्या कम है। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है, और कई शब्द प्रचलन से हट गए ।”

✍️✍️ 🌷 “हिंदी में बात है- क्योंकि हिन्दी में जज्बात है।” 🌷

📙 “संविधान के अनुच्छेद-343 के अनुसार, संघ की राजभाषा हिंदी रहेगी और उसके अनुच्छेद-351 के अनुसार हिंदी भाषा का प्रसार, वृद्धि करना और उसका विकास करना ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सब तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम हो सके, संघ का कर्तव्य है :-

👉 “यह सभा संकल्प करती है कि, हिंदी के प्रसार एंव विकास की गति बढ़ाने के हेतु तथा संघ के विभिन्न राजकीय प्रयोजनों के लिए उत्तरोत्तर इसके प्रयोग हेतु भारत सरकार द्वारा एक अधिक गहन एवं व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा और उसे कार्यान्वित किया जाएगा।”
📙 “हिन्दी, भारत और विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। उसकी जड़ें प्राचीन भारत की संस्कृत भाषा में तलाशी जा सकती हैं। परंतु हिन्दी साहित्य की जड़ें मध्ययुगीन भारत की अवधी, मागधी,अर्द्धमागधी तथा मारवाड़ी जैसी भाषाओं के साहित्य में पायी जाती हैं।”

📙 “हिंदी में गद्य का विकास बहुत बाद में हुआ और इसने अपनी शुरुआत कविता के माध्यम से की-जो कि, ज्यादातर लोकभाषा के साथ प्रयोग कर विकसित की गई। हिंदी का आरंभिक साहित्य अपभ्रंश में मिलता है। हिंदी में तीन प्रकार का साहित्य मिलता है-गद्य,पद्य और चम्पू। हिन्दी की पहली रचना कौन सी है, इस विषय में विवाद है, लेकिन ज़्यादातर साहित्यकार लाला श्रीनिवासदास द्वारा लिखे गये उपन्यास “परीक्षा-गुरु” को हिन्दी की पहली प्रामाणिक गद्य-रचना मानते हैं।”


✍️✍️🌹 “हिंदी में बात है- क्योंकि हिन्दी में जज्बात है।”
📙 “भाषा के विकास-क्रम में अपभ्रंश से हिन्दी की ओर आते हुए भारत के अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग भाषा-शैलियां जन्मीं। हिन्दी इनमें से सबसे अधिक विकसित थी, अतः उसको भाषा की मान्यता मिली। अन्य भाषा-शैलियां, बोलियां कहलाईं। इनमें से कुछ में हिंदी के महान कवियों ने रचना की जैसे तुलसीदास ने रामचरित मानस को अवधी में लिखा और सूरदास ने अपनी रचनाओं के लिए बृज भाषा को चुना, विद्यापति ने मैथिली में और मीराबाई ने राजस्थानी को अपनाया।”

📙 “हिंदी की विभिन्न बोलियों का साहित्य आज भी लोकप्रिय है और आज भी अनेक कवि और लेखक अपना लेखन अपनी -अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में करते हैं।”
📙 “हर वर्ष 14-सितम्बर के दिन को “हिन्दी-दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत में हिन्दी भाषा में अच्छे से कार्य करने वाले 13 लेखकों को “राजभाषा गौरव पुरस्कार” और 39 संस्थान या विभाग को “राजभाषा कीर्ति पुरस्कार” भी प्रदान किया जाता है।”
…………………. जे पी कुकरेती।

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