धार्मिक प्रतीकों पर नहीं, अनुशासन पर विद्यालय का जोर
Blooming Vale Public School प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय में छात्र–छात्राओं के कलावा, तिलक अथवा अन्य धार्मिक प्रतीकों को धारण कर आने पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार हाल ही में जारी निर्देश केवल विद्यार्थियों द्वारा फैशन के उद्देश्य से रंग-बिरंगी बिंदियां, अत्यधिक सजावटी श्रृंगार एवं अनुशासनहीन वेशभूषा अपनाने से संबंधित थे।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि संस्था सदैव भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्थाओं एवं सामाजिक मूल्यों का सम्मान करती रही है। विद्यालय का उद्देश्य किसी भी धर्म अथवा परंपरा विशेष पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि शैक्षणिक वातावरण में अनुशासन, एकरूपता एवं मर्यादा बनाए रखना है।
प्रबंधन ने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि विद्यालय को अनावश्यक विवादों से जोड़ने के बजाय शिक्षा, संस्कार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि विद्यालय में सभी धर्मों एवं समुदायों का समान आदर किया जाता है और भविष्य में भी संस्थान इसी भावना के साथ कार्य करता रहेगा।
