कोटद्वार। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन के उद्देश्य से भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम कोटद्वार के नजीबाबाद रोड क्षेत्र के पार्षद प्रवेन्द्र सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सभी से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय परिसर में पौधारोपण के साथ हुआ। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण अभियान में भाग लिया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का भी सभी ने संकल्प लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय पाल सिंह रावत ने कहा कि आज के समय में अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। वृक्ष मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। वृक्षों से हमें शुद्ध वायु, प्राकृतिक संतुलन, वर्षा, छाया, फल, औषधियाँ तथा अनेक महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल एवं बहुजनसंख्या वाले देश में प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। यदि प्रत्येक नागरिक इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाए तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इस अवसर पर नगर निगम कोटद्वार के नजीबाबाद रोड क्षेत्र के पार्षद प्रवेन्द्र सिंह रावत ने भी वृक्षारोपण तथा वनों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल हरेला पर्व तक ही सीमित न रहें, बल्कि पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक रहें तथा अपने जन्मदिन, विशेष अवसरों और सामाजिक आयोजनों पर भी पौधे लगाने की परंपरा विकसित करें।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को वृक्षों के महत्व से अवगत कराया तथा बताया कि वृक्ष पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है और छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक वृक्षारोपण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला को प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ उत्साहपूर्वक मनाते हुए समाज को हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण बनाने का प्रेरणादायक संदेश दिया।
