भारतीय मौसम विभाग द्वारा 22 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट और 23 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित अतिवृष्टि और आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग मानव संसाधन, मशीनरी और आवश्यक उपकरणों के साथ पूरी तरह तैयार रहें। स्वास्थ्य विभाग को सभी एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने तथा अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही विद्युत और पेयजल विभाग को किसी भी आपात स्थिति में सेवाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और अन्य सड़क निर्माण एजेंसियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें, ऑपरेटर और अन्य आवश्यक मशीनरी पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसील और विकासखंड स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जन-धन की हानि को न्यूनतम रखने के लिए हरसंभव प्रयास करें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
