तैड़िया गांव की बैठक में विस्थापन प्रक्रिया के लिए दी गई सर्वसहमति..
कॉर्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ टाइगर रिजर्व लैंसडौन के अंतर्गत मैदावन रेंज की कम्पार्टमेन्ट 32 कोर जोन में बसे तैड़िया गांव में विकास की संभावनाओं के न होने पर सभी ग्राम वासियों की हुई संयुक्त बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने विस्थापन प्रक्रिया को परवान चढ़ाने के लिए आमसहमति प्रस्ताव पारित कर विभाग व शासन से मांग की है। गौरतलब है कि ग्राम तैड़िया रिखणीखाल प्रखण्ड के ग्राम पंचायत काण्डा का राजस्व ग्राम है जो पार्क में स्थित है।वर्ष 2000 से 2016 तक चली विस्थापन प्रक्रिया को शासन में लम्बित होने पर पुनः विभागीय अधिकारियों द्वारा गांव में पहुंच कर अस्थाई विकास के साथ साथ विस्थापन का प्रस्ताव मांगने की पैरवी की।जिस पर सभी ग्राम वासियों ने एनटीसीए की गाइडलाइंस के विकल्प दो पर व विविध सुविधाओं से लैस विस्थापन पर हामी भर दी है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बिनीता ध्यानी ने बताया कि कठोर वन कानूनों के चलते आमूल चूल वैकासिक सीमित तौर पर संभव तो है लेकिन हर कदम पर विभाग की अनुमति व जी हुजूरी के लिए ग्रामीण जूझते रहें ऐसा होते हुए वर्षों बीत गए। जिससे बेहतर है कि एक तरफ सहमति भी दी जाएगी और दूसरे छोर से विभागीय सहयोग से हरसंभव कोशिश जारी रहेगी।इस अवसर पर कोर कमेटी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष बिनीता ध्यानी, सचिव राधावल्लभ, कोषाध्यक्ष धर्मानन्द ध्यानी, उपाध्यक्ष शक्तिधर प्रसाद, महिला उपाध्यक्ष सुषमा ध्यानी जखमोला, मीडिया डॉ अम्बिका प्रसाद, संयोजक भगवती प्रसाद, संरक्षक गुणानन्द, आय-व्यय निरीक्षक अशोक कुमार को बनाया गया। साथ ही अलग-अलग स्थानों के प्रतिनिधि भी बनाये गये जिनमें भगवती प्रसाद, सुनील कुमार, सोहनलाल, वेदप्रकाश, दिनेश चन्द्र मनीष को नियुक्त किया गया। बैठक में वक्ताओं ने गांव की दुर्दशा के लिए शासन प्रशासन व वनविभाग को दोषी ठहराया और शर्तों पर विस्थापन प्रक्रिया को लेकर सहमति जताई। स्थानीय व्यापार मण्डल सभागार मालिनी मार्केट कोटद्वार में कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ.अम्बिका प्रसाद ध्यानी के अलावा बीडी ध्यानी,सतीश चन्द्र, कुशलानन्द, कुलदीप, गिरीश चंद्र,दीपक, प्रकाश चन्द्र, सतेंद्र प्रसाद, मनोज, किशनचंद्र, रोशनी,घुंघरी देवी, कुलदीप,सौरभ,सूरज, पंकज, प्रवीन,चण्डी प्रसाद आदि समेत बासठ लोग मौजूद रहे।
