*सतपुली गुुुमखाल मोटर मार्ग :राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर रात्रिकालीन यातायात प्रतिबंध, इस तय समय पर इस वैकल्पिक मार्ग से करें यात्रा*

Date:

Share post:

*राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर रात्रिकालीन यातायात प्रतिबंध, इस तय समय पर इस वैकल्पिक मार्ग से करें यात्रा

राष्ट्रीय राजमार्ग-534 (पूर्व एनएच-119) पर गुमखाल से सतपुली के मध्य किमी 175 से 196 तक चल रहे मार्ग सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य के चलते यातायात व्यवस्था में अस्थायी परिवर्तन किया गया है।

उपजिलाधिकारी रेखा आर्य ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से 02 फरवरी से 05 फरवरी, 2026 तक प्रतिदिन रात्रि 09 बजे से प्रातः 06 बजे तक उक्त मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। दिन के समय यातायात परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा हेतु वैकल्पिक मार्ग के रूप में सतपुली–काण्डाखाल–सिसल्डी–डेरियाखाल मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गयी है। निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा आपातकालीन सेवाओं का संचालन सुचारु रहेगा।

उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि वे अस्थायी असुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह व्यवस्था भविष्य में सुरक्षित एवं सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है।

Related articles

सिंचाई राज्यमंत्री ऋषि कण्डवाल ने रिखणीखाल विकास खण्ड में सिंचाई योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

रिखणीखाल। उत्तराखण्ड सरकार की सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त ऋषि कण्डवाल ने शनिवार...

*कोटद्वार:8वें वेतन आयोग को पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की मांगें भेजीं – पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने किया आग्रह*

् 8वें वेतन आयोग को पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की मांगें भेजीं – पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने...

काण्डानाल में सिंचाई योजनाओं की समीक्षा, हर खेत तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: ऋषि कण्डवाल

रिखणीखाल। रिखणीखाल विकास खण्ड के काण्डानाल में सिंचाई राज्यमंत्री ऋषि कण्डवाल ने जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता की गरिमामयी...

*माता बगलामुखी, माहतम्य और उत्पत्ति की सुंदर कथा*आलेख संकलन ऋषि कण्डवाल,*लेखक उत्तराखण्ड सरकार में सिंचाई राज्य मंत्री हैं*

माता बगलामुखी की कथा अत्यंत शक्तिशाली और रोचक है। उन्हें दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या माना जाता...