रिखणीखाल:रिखणीखाल प्रखंड में वास्तविक पात्र लोगों को नहीं मिल रहा है,प्रधान मंत्री आवास योजना, पशु बाड़ा और बकरी बाड़ा का लाभ ।

Date:

Share post:

रिखणीखाल-

रिखणीखाल प्रखंड में वास्तविक पात्र लोगों को नहीं मिल रहा है,प्रधान मंत्री आवास योजना, पशु बाड़ा और बकरी बाड़ा का लाभ ।

          रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम पंचायत द्वारी तोक छाकुली के गरीब घराने के लोगों को प्रधान मंत्री आवास योजना, पशु बाड़ा ,बकरी बाड़ा आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।यदि कभी किसी को मिलता भी हो तो पात्र लाभार्थी अछूते रह जाते हैं। स्थानीय लोगों का ये भी कहना है कि ब्लॉक स्तरीय कोई कर्मचारी सर्वे करने तक नहीं आते।सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाते हैं। 



         ग्राम पंचायत द्वारी व इसके तोक छाकुली में लोगों की आवास योजना,पशुबाडा, बकरीबाडा व पेयजल की कई जटिल समस्यायें मुंह बायें खड़ी हैं। बीना देवी का कहना है कि न उसके पास मकान है,न पशुओं के रहने के गौशाला,दोनों जर्जर हालत में हैं। पानी टपकता है,व टूटने की कगार  पर हैं। किसी तरह हर साल प्लास्टिक पन्नी डालकर काम चलता है।पेयजल की किल्लत से भी जूझ रहे हैं। कयी किलोमीटर दूर से पानी ढोते हैं। 


       सोहन लाल कहते हैं कि उनका भी पुश्तैनी मकान टूटने की कगार पर है।पन्नी डालकर रहते हैं। 4-5 बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन न कोई सुनवाई, न कोई खैर खबर होती है।गाय,बैल, बकरी खुले में रहते हैं या साड़ी को लपेटकर गौशाला नुमा बनाया है।जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है,कई बार पशु,बकरी को मार चुका है।ये भी पेयजल को जूझ रहे हैं। 


           उसी गाँव की प्यारी देवी का भी मकान खंडहर का रूप ले चुका है।बुरी तरह सड़ गल गया है।वे भी मकान की गुहार लगाती आ रही हैं। लेकिन इनकी बातों को कौन सुनेगा?,सरकार लाख दावे व घोषणा कर ले,लेकिन असली जमीनी हकीकत यही है,जो ये कह रहे हैं। सरकार अपनी सफलता गिनाती रहे।



        सन् 2021 से थवाडा- चैबाडा जल जीवन मिशन पर कछुआ चाल से कार्य हो रहा है,इस पेयजल पम्पिग योजना से पानी चालू होना था,लेकिन वह भी एक रुपए में हर घर नल,हर घर जल योजना भी अधर में लटकी है।घरों के पास न, तो लगा दिये गये हैं, लेकिन उनमें जल नहीं है।लोग देखते ही रह गये।जो पानी के संग्रह करने के लिए टंकी बनी थी,वे भी दो साल से बिना पानी डाले फट चुकी हैं। ढिंढोरा तो खूब पीटा जाता है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है।गाँव के लोगों का कहना है कि गधेरे से पानी वाहन बुकिंग करके लाना पड़ता है।इनमें से कई लोग अनुसूचित जाति से सम्बन्ध रखते हैं। जब तक ग्रामीण जीवन की हालत नहीं सुधरती तब तक प्रदेश को खुशहाल नहीं कहा जा सकता।




       बड़ी कश्मा कश्म से गांवों में पंचायत चुनाव हुए, हो तो गये हैं, लेकिन सदस्यों के सदस्यता ग्रहण न करने से पंचायतों का गठन नहीं हो पा रहा है।नवनिर्वाचित प्रधानों को मुहर व बस्ता तक नसीब नहीं हुआ। जिससे वे पद का संचालन करने में असहाय हैं। पंचायत चुनावों की सिर्फ कागजों में खानापूर्ति की गई है।धरातल पर कुछ और ही स्थिति देखी जा रही है।  प्रभु पाल सिंह रावत। 

Related articles

तैड़िया गांव की बैठक में विस्थापन प्रक्रिया के लिए दी गई सर्वसहमति..

तैड़िया गांव की बैठक में विस्थापन प्रक्रिया के लिए दी गई सर्वसहमति.. कॉर्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ टाइगर रिजर्व...

*आम आदमी पार्टी के युवा मोर्चा अध्यक्ष और छात्र इकाई ASAP अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने थामा आम आदमी पार्टी का दामन*...

युवा मोर्चा अध्यक्ष और छात्र इकाई ASAP अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने थामा आम आदमी पार्टी...

*कोटद्वार। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार की रिसर्च स्कॉलर शिवा पांडे ने यूजीसी नेट (UGC NET) असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा उत्तीर्ण की* ...

कोटद्वार। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार की रिसर्च स्कॉलर शिवा पांडे ने यूजीसी नेट (UGC NET) असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा...

वार्ड नंबर 37 पश्चिमी झंडी चौड़ में धान की फसल पर तना छेदक कीड़े का प्रकोप, कृषि विभाग ने किसानों को दवा के छिड़काव...

वार्ड नंबर 37 पश्चिमी झंडी चौड व भाबर क्षेत्र में खड़ी धान की फसल में तना छेदक कीड़ा...