देहरादून/रिखणीखाल-
दून से पर्वतीय मार्गों पर दौड़ेगी, जी एम ओ यू लिमिटेड की बसें !लेकिन रिखणीखाल क्षेत्र की इतनी अनदेखी व उपेक्षा क्यों?
जानकारी में आया है कि गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड की 11 बसें 11 सितम्बर, 2026 ,से प्रतिदिन जोशीमठ, गोपेश्वर, ऊखीमठ, नागनाथ पोखरी, तिरपालीसैण, बीरोंखाल, धुमाकोट आदि रूटों पर दौड़ेगी। ये बसें देहरादून के भुड्डी गाँव चौक से समय सारणी के अनुसार चलेगी। पहले चरण में 11 बसें संचालित होंगी। लेकिन इस सूची में रिखणीखाल वाया रथुवाढाब- गाडियों पुल का कहीं नाम तक नहीं, देहरादून मेें रह रहे प्रवासी आश्चर्य चकित है।
स्मरण रहे कि देहरादून से रिखणीखाल वाया रथुवाढाब- गाडियों पुल के लिए एक भी बस उत्तराखण्ड परिवहन निगम की नहीं है।जबकि रिखणीखाल क्षेत्र के 800-900 परिवार कई सालों से देहरादून मेें विभिन्न जगह रहते हैं। जिनमें पूर्व सैनिको,अर्द्धसैनिकों की तायदाद काफी ज्यादा है।देहरादून मेें इनकी एक पंजीकृत समिति भी है,जिनके कि एक फोन डाइरेक्टरी भी छपी है,उसमें इन 800-900 लोगों का उल्लेख है।
अब कोटद्वार से रिखणीखाल वाया रथुवाढाब गाडियों पुल के रूट से भी उत्तराखण्ड राज्य परिवहन निगम की एक भी बस संचालित नहीं होती, वही हाल जी एम ओ यूनियन लिमिटेड कोटद्वार से भी रिखणीखाल क्षेत्र के लिए मात्र 02 बसें जाती हैं, उनका समय सुबह 5 बजे, 10:30 बजे है।वो भी यात्रा सीजन में कभी-कभार ही संचालित होती है।
रिखणीखाल क्षेत्र के लोग अब असमंजस में है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए यातायात की अव्यवस्था, अनदेखी व उपेक्षा क्यों हो रही है।जबकि रिखणीखाल हर दृष्टिकोण से दुर्गम क्षेत्र है।
देहरादून मेें निवासरत प्रवासियों की आवाज है कि एक बस भुड्डी गाँव ,देहरादून से सीधे रिखणीखाल वाया रथुवाढाब- गाडियों पुल संचालित करने की पुरजोर मांग करते हैं।
