यमकेश्वर। यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत डाडामंडी के निकट स्थित धारी गाँव में माँ भगवती देवी मंदिर में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में सिंचाई राज्य मंत्री ऋषि कण्डवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर ग्रामीणों ने उनका ढोल-दमाऊ की पारंपरिक धुनों के साथ भव्य स्वागत किया।


इस अवसर पर राज्य मंत्री ऋषि कण्डवाल ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करते हुए कहा कि पलायन के कारण आज पहाड़ के अनेक गाँव खाली हो रहे हैं, लेकिन हमारी कुल देवी-देवताओं की पूजा एवं धार्मिक आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधे रखने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रवासी ग्रामीणों से आह्वान किया कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन वर्ष में कम से कम दो बार अवश्य आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे लोग अपने पैतृक गाँवों और घरों से जुड़े रहें तथा नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और संस्कृति को समझने का अवसर मिल सके।


उन्होंने कहा कि यदि पहाड़ों में रिवर्स पलायन होता है तो इससे बड़ी खुशी की बात कोई नहीं होगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपने पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण हो चुके पैतृक मकानों के संरक्षण और जीर्णोद्धार का आग्रह करते हुए कहा कि हमारे माता-पिता, दादा-दादी और पूर्वजों की स्मृतियाँ इन घरों से जुड़ी हुई हैं और इन्हें सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।



कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ऋषि कण्डवाल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मंदिर परिसर में पीपल का पौधा रोपित किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण से धरती का तापमान संतुलित रहेगा, वर्षा में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र में खुशहाली आएगी।


इस अवसर पर कोमल सिंह रावत, मनमोहन देवरानी सहित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।

