कोटद्वार के विकास और सुरक्षा के लिए अतिक्रमण मुक्त सड़क तथा अवांछनीय तत्वों पर लगे रोक। कोटद्वार के हित में राजनीति में भागीदारी का भी है विकल्प। महेन्द्र पाल सिंह रावत अध्यक्ष पूर्व सैनिक संघर्ष समिति।

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कोटद्वार के विकास और सुरक्षा के लिए अतिक्रमण मुक्त सड़क तथा अवांछनीय तत्वों पर लगे रोक: कोटद्वार के हित में लगातार सड़क से लेकर सत्ताधीशो के दरबार तक बुलंद आवाज़ करने वाले गरिमामयी भारतीय सेना के जांबाज पूर्व सैनिकों के संगठन पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने कोटद्वार की सड़कों, नगरनिगम की जमीनों तथा सिंचाई विभाग लोकनिर्माण विभाग की जमीन पर अवैध अतिक्रमण के साथ ही बाहरी अवांछनीय एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की घुस पैठ तथा सरकारी जमीन पर कब्जा कर भवन निर्माण करने की गतिविधियों के खिलाफ बड़ी मुहिम छेडने का मन बना लिया है। समिति का मानना है कि आंदोलन के साथ ही राजनीति की डोर अगर हमारे हाथ में रहेगी तो कोटद्वार को अवैध घुसपैठ तथा बेतरतीब अतिक्रमण से बचाया जा सकता है आज पहाड़ की आन बान शान तथा रोटी बेटी की सुरक्षा के लिए समाज को एक जुट होने की आवश्यकता है समाज की एकजुटता से ही देश तथा समाज सुरक्षित हो सकता है। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति नगर निगम चुनावों में भी सशक्त दावेदारी प्रस्तुत करने को तैयार। समिति के अध्यक्ष महेन्द्र पाल सिंह रावत की कार्य करने वाले ईमानदार तथा संघर्ष वान व्यक्तित्व वाली छवि। कोटद्वार में पूर्व सैनिक तथा उनके परिजनों की सबसे बड़ी तादाद करेगी दावेदारी मजबूत।।।


आप लोग कहते हो बाहर वालों ने कोटद्वार में ये कर दिया वो कर दिया इसकी सबसे बड़ी जड़ अतिक्रमण है। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति, कोटद्वार, सरकारी भूमि, चौक, चौराहे नाली और गलियों से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार राज्य सरकार ओर लोकल प्रशासन पर दबाव बना रहे है लेकिन कोटद्वार के सत्ताधारी ओर विपक्ष के नेताओ को इनका संग्रक्षण प्राप्त है। इसके कारण कोटद्वार में 4 पहिया तो बड़ी बात है पैदल चलना मुश्किल है जिसके कारण लड़ाई झगड़ा आम बात हो चुकी है। दुकानदारों के द्वारा जितना सामन दुकान के अंदर रखा रहता है उससे ज्यादा सरकारी सड़क पर लगाया रहता है कोई बोलने बल नहीं है क्योंकि सब भ्रष्टाचार मे लिप्त है इसका प्रमाण गोखले मार्ग है जहां दुकानदारों, रेहड़ी और सब्जी वालों के द्वारा रोड जाम कर शहर की व्यवस्था खराब कर रखी है कुछ बोलने पर राहगीर को सारे आम डंडों से दौड़ा दौड़ा कर मारा जाता है। लेकिन सब ने चुप्पी साध रखी है क्योंकि सब राजनीतिक दलों के पिछलग्गू बने हुए है।
मित्रो वक्त आ चुका है पूर्व सैनिकों को घरों से बाहर आकर कल 29 नवंबर 2024 तो विशाल रैली निकाल कर लोकल शासन को जगाना होगा कोटद्वार की सड़कों को अतिक्रमण करियों से खाली करवाना होगा। नहीं तो रोज आप लोग पीटते रहोगे । आओ गढ़वाली संघर्ष के प्रतीक बने। आज तमाशा देखोगे कल तुम्हारा तमाशा कोई ओर देखेगा। जिंदा हो तो जिंदे का सबूत दो।
अतिक्रमण हटाओ।
कोटद्वार बचाओ।

       जय हिंद

अध्यक्ष महेन्द्र पाल सिंह रावत अध्यक्ष पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार।

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