रा.प्रा.वि. मेरुड़ा में “जीवन के रंग बच्चों के संग” थीम पर नवाचार: एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न सी.आर.पी. मठाली ने कहा – “समुदाय से जुड़कर ही विद्यालय बनते हैं उत्कृष्ट”

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रा.प्रा.वि. मेरुड़ा में “जीवन के रंग बच्चों के संग” थीम पर नवाचार: एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
सी.आर.पी. मठाली ने कहा – “समुदाय से जुड़कर ही विद्यालय बनते हैं उत्कृष्ट”

जयहरीखाल, पौड़ी गढ़वाल, दिनांक 21 मई 2026:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेरुड़ा, जयहरीखाल में दिनांक 21 मई 2026 को “जीवन के रंग बच्चों के संग” थीम पर आधारित एक दिवसीय नवाचारी कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। “FIT INDIA SCHOOL” क़ी संकल्पना को साकार करते हुए इस विद्यालय में आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स कार्यशाला आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।


ज्ञान की ज्योति से हुआ शुभारंभ: कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संकुल केंद्र मठाली के सी.आर.पी. श्री सुमित कुमार चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि श्री नरेश कुमार जी, श्रीमती सतेश्वरी देवी जी तथा श्रीमती अनीता देवी जी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री राजीव थपलियाल तथा सहायक अध्यापिका श्रीमती ज्योति बौठियाल ने बैज अलंकरण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।

स्थानीय प्रतिभा को मिला मंच: कार्यशाला का संचालन ग्राम मेरुड़ा निवासी श्रीमती राखी ध्यानी ने किया। एम.एस.सी. रसायन विज्ञान की डिग्री धारक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही श्रीमती राखी ध्यानी ने प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापिका के अनुरोध पर निःस्वार्थ भाव से बच्चों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों को अपशिष्ट सामग्री से सर्वोत्तम कलाकृतियाँ, कागज मोड़ कला एवं रंगों का वैज्ञानिक संयोजन सिखाया।इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि श्री सुमित कुमार चौधरी ने कहा, कि,”राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल मंत्र ‘समुदाय की सहभागिता’ है। रा.प्रा.वि. मेरुड़ा जिस समर्पण एवं सत्यनिष्ठा से स्थानीय संसाधनों को शिक्षा से जोड़ रहा है, वह पूरे जनपद के लिए अनुकरणीय है। श्रीमती राखी ध्यानी जैसी शिक्षित युवतियों का आगे आना ‘वोकल फॉर लोकल’ की सच्ची मिसाल है।” सभी अतिथियों ने विद्यालय परिसर, पुस्तकालय एवं “बाल दीवार पत्रिका” की विशेष सराहना की।


बच्चों के खिले चेहरे: कक्षा- 4 की छात्रा प्रियांशी, कक्षा -3 की काजल तथा कार्तिक ने कहा, “दीदी ने हमें बताया कि कचरे से भी सुंदर चीजें बन सकती हैं। आज हमने पेपर से फूल और तितली बनाई।” बच्चों द्वारा निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी विद्यालय में लगाई गई।
प्रधानाध्यापक श्री थपलियाल ने बताया कि विद्यालय भविष्य में भी प्रतिभा दिवस एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता की अभिवृद्धि हेतु इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा.जिसमें स्थानीय विशेषज्ञ बच्चों को विभिन्न जीवन कौशल सिखाएंगे। अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया

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