एमकेवीएन ऐजुकेशनल ग्रुप ने मनाया बैसाखी पर्वअम्बेडकर जयंती पर दी “बाबा साहब” को श्रद्धांजलि

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एमकेवीएन ऐजुकेशनल ग्रुप ने मनाया बैसाखी पर्व
अम्बेडकर जयंती पर दी “बाबा साहब” को श्रद्धांजलि

एमकेवीएन ऐजुकेशनल ग्रुप ने मनाया बैसाखी पर्व
अम्बेडकर जयंती पर दी “बाबा साहब” को श्रद्धांजलि
एमकेवीएन ऐजुकेशनल ग्रुप के कण्वघाटी, देवी रोड़ व दुर्गापुरी स्थित विद्यालयों में बैसाखी एवं अम्बेडकर जयंती बड़े धूमधाम से मनायी गई। इस अवसर पर लोक संस्कृति और उत्साह की झलक देखने को मिली। कार्याक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चन्द्र कोठारी एवं शिक्षा निदेशिका श्रीमती सिन्धु कोठारी ने संयुक्त रूप से पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर संविधान निर्माता डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी की 135वीं जयंती पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चन्द्र कोठारी जी उनके कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान का निर्माण कर देश को एक लोकतांत्रिक और समानता आधारित व्यवस्था दी। उन्होंने भारत के सामाजिक ढांचे को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया।
इसी क्रम में देवीरोड़ स्थित एमकेवीएन स्कूल में भी विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपने सांस्कृतिक मूल्यों एवं प्रकृति से जुड़ने का प्रयास किया जिसमें विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा उन्हें पारंपरिक जीवन शैली, कृषि उपकरणों एवं फसलों से परिचित कराया गया। रंग-बिरंगे परिधानों मे सजे बच्चों की प्रस्तुति ने पंजाब की समृद्ध संस्कृति को दर्शाने का प्रयत्न किया। कार्यक्रम में विद्यालय के कार्यकारी निदेशक श्री मयंक प्रकाश कोठारी जी ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बैसाखी की बधाई दी साथ ही कहा कि, बाबा साहब अम्बेडकर ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण कर भारतीय संविधान का निर्माण किया जिसने लाखों लोगों को मुख्य धारा में लाने का मार्ग आसान किया।

इसी क्रम में दुर्गापुरी स्थित एमकेवीएन स्कूल में भी विभिन्न कार्यक्रमों में बच्चों ने प्रतिभाग किया पंजाब के पारंपरिक लोक नृत्य भांगड़ा और गिद्दा प्रस्तुत किए। ढोल व पंजाबी गीतों पर बच्चों ने रंग-बिरंगी पंजाबी पोशाकों में विभिन्न प्रस्तुतियाँ देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता रावज जी ने बच्चों को बताया कि बैसाखी सिखों का प्रमुख त्योहार है, इसी दिन सिखों के दसवें गुरू गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की नींव रखी थी। यह दिन सभी के लिए आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

कार्यक्रम में प्रशासनिक निदेशक श्री विपिन जदली, प्रधानाचार्या सुनीता नैथानी, श्रीमती ज्योति कुलाश्री, उप प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा नेगी, श्रीमती ममता नेगी, आकांक्षा अधिकारी, प्रियका रावत, आकृति, शान्ति देवी, अंजू रावत, ज्योति बिष्ट, नीता घिल्ड़ियाल, श्री अशोक जखमोला, श्रीमती ममता नेगी, श्रीमती रंजना, सुनीता कांमोज, ममता नेगी, अंजली, स्वाती ध्यानी, सुषमा कुकरेती, बबली रावत, सोनिका भंडारी, श्री अनील सैनी, श्री राहुल कुमार, अरूण असवाल एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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