आमसौड: पीएमजीएसवाई के सड़क सर्वे के खिलाफ लामबद्द हुए ग्रामीण पर्यावरण को भी पहुंचेगी क्षति: एक अदद सड़क से ग्रामीणों को वंचित रखने के विरोध में आज ग्रामीण आमसौड़ में एकत्रित हुए तथा पीएमजीएसवाई सिंचाई खण्ड कोटद्वार के सड़क निर्माण को लेकर कराये गये सर्वेक्षण के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए आरोप लगाया गया कि इस सर्वे से जहाँ सैकड़ों हरे वृक्षों को काटा जायेगा जिससे पर्यावरण को तो भारी क्षति होगी है तथा कुछ ग्रामीण क्षेत्रों को इस सर्वे से सड़क मार्ग से वंचित रहना पडेगा।
पीएमजीएस कोटद्वार के पत्रांक 72 / 31030 / कोटद्वार द्वारा दिनांक 29 / 01 / 2026 के आदेश को आधार मानते हुए ग्रामीण इस नये सर्वे के विरोध में एकजुट हुए, जिसमें विभाग द्वारा ग्राम सभा आमसौड़ में प्रस्तावित आमसौड़–झवाणासार सड़क के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में कहा गया कि विभाग द्वारा पूर्व में ही किये गये सर्वे पर जो प्रस्ताव अवैज्ञानिक तरीके से लाया जा रहा है, मैं आपत्तिकर्ता सुशील जुयाल एवं समस्त ग्रामवासी झवाणासार उसका विरोध करते हैं।
जिस नये मार्ग से पीएमजीएसवाई द्वारा नया सर्वे किया गया है उस एलाइन्मेंट में 0 किलोमीटर प्वाइंट से ग्राम झवाणा की दूरी तीन किलोमीटर है, कहा गया कि इससे ग्राम झवाणा तक के बीच में सैकड़ों पेड़ों का काटा जाना एवं पर्यावरण को भारी क्षति होना सुनिश्चित है।
उक्त एलाइन्मेंट में 0 किलोमीटर वाईंट से ग्राम झवाणा तक की दूरी 3 से 4 किमी है। इस दूरी के बीच में कोई भी गाँव, स्कूल, अस्पताल एवं अन्य संसाधन भी नहीं जुड़ रहे हैं। जिससे इस एलाइन्मेंट में वन सम्पदा को नुकसान एवं पर्यावरण को क्षति पहुँचाने के अलावा कोई भी लाभ प्रतीत होता नहीं दिखाई दे रहा है।
वन विभाग द्वारा ग्राम आमसौड़ से ग्राम झवाणा तक पहले से हल्का वाहन मार्ग बना हुआ है। इस मार्ग में वन सम्पदा को न्यूनतम क्षति है एवं सरकारी लागत भी कम है। पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा किये गये नये सर्वे एलाइन्मेंट और वन विभाग द्वारा पूर्व में निर्मित हल्का मोटर वाहन की दूरी लगभग समान है।
उक्त पीएमजीएसवाई द्वारा किये गये सर्वे में हमारा गांव झवाणासार नहीं जुड़ रहा है। जिसकी जनसंख्या 2011 में 19 थी। जबकि वन विभाग द्वारा पूर्व निर्मित सर्वे में झवाणासार के अलावा अन्य गांव झवाण, सिद्दपुर, कशीरखाल आसानी से जुड़ रहे हैं। आपत्तिकर्ता सुशील जुलाई द्वारा सूचना अधिकार के तहत मांगी गयी सूचना में पीएमजीएसवाई द्वारा उक्त नये सर्वे को विवादित माना गया है। एवं जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल में उक्त विवादित सर्वे अभी लंबित है।
दुगड्डा से ग्राम अल्दवा होते हुए ग्राम सिद्दपुर तक पहले से कच्चा हल्का मोटर वाहन मार्ग मौजूद है एवं पीएमजीएसवाई द्वारा 0 किलो वाईंट से वन विभाग द्वारा बनाये गये मार्ग से झवाणा की दूरी सिर्फ 3 किमी है। अतः पहले से मौजूद दो विकल्पी मार्ग, जिसमें वन सम्पदा को न्यूनतम क्षति है, की अनदेखी करके ऐसे एलाइन्मेंट मार्ग का चयन क्यों किया जा रहा है जिसमें वन सम्पदा को भारी नुकसान एवं सरकारी लागत ज्यादा है।



