फौजी बना किसान:भारत की महान सेना तथा उनकी वीरता, शौर्य के किस्से तो जगजाहिर हैं, हमारे जांबाज सैनिक दुश्मन के दांत खट्टे करने का माद्दा तो रखते ही हैं सेवानिवृत्ति के बाद भी देश और समाज के लिए योगदान देते हैं इसी तरह से आज आप से मिलाते हैं एक जांबाज पूर्व सैनिक से जो प्रेरणा हैं युवाओं के लिए तथा कृषि को रोजगार से जोड़ने के लिए कि मेहनत लगन के दम पर पहाड चीर कर भी गंगा प्रकट की जा सकती है।
जी हाँ
ये कहानी है
विकास खंड कोट
के अंतर्गत
पट्टी कन्डवालस्यू के ग्रामसभा कापड़ के 76 वर्षीय रिटायर्ड सूबेदार मेजर श्री रघुवीर सिंह बिष्ट ज़ी की
10 जुलाई 1950 मे जन्मे रघुवीर सिंह बिस्ट ज़ी 1970 मे 12 वी करने के बाद भारतीय सेना की मेडिकल कोर मे नर्सिंग असिस्टेंट के पद पऱ भर्ती हुये थे, feb 1998 मे रिटायर होने के बाद अक्टूबर 1998 दिल्ली सरकार के अस्पताल मे ओ टी टेक्निशियन के पद अपनी सेवाए दी
2016मे दूसरी नौकरी से सेवानिवरत होने के बाद
उन्होंने क्या क्या किया
उनकी जुबानी से
ही सुनिए
