AAP उत्तराखंड: केंद्र में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत
उत्तराखंड में लगातार पेपर लीक पर प्रदेश शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
देहरादून। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने आज केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी के इस्तीफे को “लोकतंत्र की जीत” बताया है।
आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया जी ने कहा कि NEET सहित देश भर में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के कारण लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है। छात्रों के आंदोलन और जनता के दबाव के कारण अंततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। यह साबित करता है कि जब जनता सड़कों पर उतरती है तो सरकार को झुकना पड़ता है।
प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि केंद्र में इस्तीफा होने के बाद अब उत्तराखंड सरकार को भी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उमा गौड़ सिसोदिया जी ने कहा:
“उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों से पेपर लीक का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। पुलिस, पटवारी, वन दरोगा के बाद अब हाल ही में UTU – उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का परीक्षा पत्र भी लीक हो गया है। इससे साफ है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में पूरी तरह विफल रही है।”
आम आदमी पार्टी उत्तराखंड प्रदेश शिक्षा मंत्री से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग करती है। साथ ही मांग करती है कि: UTU सहित उत्तराखंड में हुए सभी पेपर लीक मामलों की CBI जांच कराई जाए।पेपर माफिया और इसमें शामिल अधिकारियों पर रासुका के तहत कार्रवाई हो। छात्रों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाए।
प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि प्रदेश में हो रहे पेपर लीक प्रकरण में भाजपा के लोग शामिल थे ये बात जगजाहिर है। और सरकार की कमजोर पैरवी के कारण आज भाजपा नेता व पेपर लीक माफिया हाकम सिंह जेल की सलाखों के बाहर आजादी से घूम रहा है। जिसका नतीजा आज utu में पेपर लीक हो गया।
उन्होंने कहा यदि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत में जरा भी नैतिकता है तो वह अपने पद से इस्तीफा दें। नहीं तो प्रदेश का युवा दिल्ली जंतर मंतर की तर्ज पर सड़कों पर निकलने को मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदार राज्य की भाजपा सरकार होगी।
