कहते हैं कि एक अच्छा शिक्षक या कोच सिर्फ खेल नहीं सिखाता, बल्कि वह जीवन जीना और लड़ना सिखाता है। देवप्रयाग थाने में तैनात हेड कांस्टेबल, श्री विपेंद्र सिंह रावत जी आज देवप्रयाग के सैकड़ों बच्चों के लिए वही सच्चे मार्गदर्शक और ‘द्रोणाचार्य’ बन चुके हैं। आज के इस दौर में जहाँ स्मार्टफोन और मैदानों से दूरी बच्चों को शारीरिक रूप से कमजोर बना रही है, और जहाँ पहाड़ों के शांत वातावरण में भी युवा शक्ति नशे और भटकाव के जाल में फंस सकती थी, वहाँ श्री रावत जी ने देवप्रयाग में एक ऐतिहासिक खेल क्रांति की शुरुआत की। उन्होंने देवप्रयाग में दशकों पहले गुम हो चुके फुटबॉल के खेल को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि ‘डीएफसी क्लब’ (DFC Club) बनाकर हर घर के बच्चे को खेल के मैदान से जोड़ दिया।


उनका समर्पण ऐसा है कि कड़ाके की ठंड हो या सुबह का कोहरा, वे रोज़ सुबह 5 बजे स्वयं उठते हैं और एक-एक बच्चे को फोन करके नींद से जगाते हैं, ताकि कोई भी बच्चा अपने लक्ष्य से न भटके। जब सुबह देवप्रयाग के मैदानों पर ये बच्चे फुटबॉल के पीछे दौड़ते हैं, तो उनकी रगों में केवल खून नहीं, बल्कि देश सेवा और कड़े अनुशासन का जज्बा दौड़ता है। फुटबॉल एक ऐसा खेल है जो इंसान के स्टैमिना, फुर्ती, टीमवर्क और मानसिक मजबूती को चरम पर ले जाता है।

मैदान पर की गई इसी कड़ी मेहनत, रनिंग और पसीने का नतीजा है कि आज देवप्रयाग के बच्चों की फिटनेस का स्तर बेमिसाल हो चुका है। वे शारीरिक रूप से इतने मजबूत और फुर्तीले हो चुके हैं कि इसी ग्राउंड से दौड़कर और श्री रावत जी से प्रेरित होकर कई युवा आज ‘अग्निवीर’ बनकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, तो कई युवाओं ने खाकी वर्दी पहनकर ‘पुलिस विभाग’ में अपनी जगह बनाई है।


वहीं, दर्जनों बच्चे आज भी पूरी शिद्दत के साथ सरकारी नौकरियों और सेना में भर्ती होने के लिए प्रयासरत हैं।
श्री विपेंद्र सिंह रावत जी ने बच्चों को सिर्फ फुटबॉल खिलाड़ी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें नशे जैसी कुरीतियों से कोसों दूर रखकर एक स्वस्थ, फिट और अनुशासित नागरिक बनाया है। ड्यूटी के व्यस्त और तनावपूर्ण शेड्यूल के बाद भी समाज को बदलने का ऐसा निस्वार्थ जज्बा रखना हर किसी के बस की बात नहीं। देवप्रयाग और पूरे उत्तराखंड को आज ऐसे ही दूरदर्शी, संवेदनशील और समर्पित पुलिसकर्मियों की सख्त जरूरत है जो युवाओं के भविष्य को अंधकार से निकालकर देश सेवा के उजाले की ओर ले जाएं। श्री रावत जी और उनके ‘डीएफसी क्लब’ के सभी चमकते सितारों को हमारा कोटि-कोटि नमन और उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं! हमें आप पर गर्व है!
श्री विपेंद्र रावत
ग्राम कोटसाड़ा
पट्टी सितोनस्यूँ
विकास खंड कोट के मूल निवासी हैँ और वर्तमान मे देहरादून मे रहते हैँ तथा इनकी शिक्षा राजकीय इण्टर कालेज कोट में हुई है
