*हरेला पर्व सप्ताह के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर, जानकीनगर में चित्रकला प्रतियोगिता एवं पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित*

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हरेला पर्व सप्ताह के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर, जानकीनगर में चित्रकला प्रतियोगिता एवं पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित

कोटद्वार, 21 जुलाई 2026।
हरेला पर्व सप्ताह के अवसर पर हेमनदास सरस्वती शिशु मंदिर, जानकीनगर, कोटद्वार में विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता एवं पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनसेवा के संस्कार विकसित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ चित्रकला प्रतियोगिता से हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने हरेला, प्रकृति संरक्षण एवं स्वच्छ पर्यावरण विषय पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में तुलसी सहित विभिन्न पौधों का रोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

मुख्य अतिथि एवं आधारशिला रक्तदान समूह के संरक्षक रक्तवीर दलजीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान किसी अनजान व्यक्ति को दिया जाने वाला सबसे अनमोल जीवनदान है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अभी से सेवा, संवेदनशीलता और मानवता के संस्कार अपनाएँ तथा भविष्य में स्वैच्छिक रक्तदाता बनकर समाज की सेवा करें।

देवभूमि पहल समिति, उत्तराखंड के अध्यक्ष एवं आधारशिला रक्तदान समूह के मीडिया प्रभारी शिवम नेगी ने कहा कि हरेला केवल पौधे लगाने का पर्व नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि प्रत्येक बच्चा कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसकी नियमित देखभाल करे।

देवभूमि पहल समिति, उत्तराखंड के महासचिव एवं आधारशिला रक्तदान समूह के रक्तसेवक उत्कर्ष नेगी ने विद्यार्थियों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए इको ब्रिक्स बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलकर पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज को भी प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र गौड़ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों के संस्कार विकसित करना भी है।

कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्य अंचल कुमार अग्रवाल, मनोज जोशी, प्रयाग दत्त चमोली सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे का संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और समय आने पर रक्तदान का संकल्प ले, तो समाज और पर्यावरण दोनों का भविष्य अधिक सुरक्षित एवं समृद्ध बन सकता है।

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