रिखणीखाल तहसील में नहीं है नेटवर्क सुविधा…
प्रखण्ड रिखणीखाल के अन्तर्गत इक्कासी ग्राम पंचायतों के लिए बनी उप तहसील भवन जो दो वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग के भवन पर मुख्य बाजार के सन्निकट दलमोटा -रिखणीखाल में शिफ्ट हुआ है में नेटवर्किंग साइट्स न होने के कारण लोगों को यदा कदा सीएससी केंद्र की शरण लेनी मजबूरी बन रही है।हाल यह है कि तहसील में प्रशासनिक के तौर पर आर के व पट्टी पटवारी के अलावा स्थाई तहसीलदार,नायब तहसीलदार या उपजिलाधिकारी नियुक्त नहीं हो पा रहे हैं।गौरतलब है कि विगत लगभग दस वर्ष पहले रिखणीखाल को उपतहसील का दर्जा प्राप्त है और पूर्ण तहसील का मामला विचाराधीन है। लेकिन स्थाई भवन न होने के कारण नेटवर्क का इश्यू सालता रहता है। जिससे दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों बनगढ़,टकोलीखाल,देवखर,अंगणी,मनी गांव ,घोटला,चपड़ेत डाबरू,कुमाल्डी रथुवाढाब,तैड़िया काण्डा डबराड जोशीडांडा,तोल्यूंडांडा आदि चार पट्टियां पैनों की 01से 04,बिचला बदलपुर,तल्ला मल्ला बदलपुर,इडियाकोट के सुदूरवर्ती गांव के लोगों को सुविधा की बजाय दुविधा में पड़ना नियति बन गया है। तहसील से होने वाले विविध कार्यों दाखिला खारिज खतौनी, स्थाई,जाति व पर्वतीय प्रमाण पत्र,आय प्रमाण पत्र, राजस्व विभाग से सम्बंधित कार्य, चरित्र, उत्तरजीवी, ईडब्ल्यूएस आदि सम्पादित किए जाते हैं। यहां तक कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को अनुमोदन हेतु तहसील लैंसडौन जाना पड़ता है जिसके लिए स्थाई अधिकारी की नियुक्ति रिखणीखाल में नहीं की गई है। ग्राम पंचायत काण्डा प्रधान बिनीता ध्यानी का कहना है कि स्थाई व्यवस्था की नितांत समाधान को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर व दूरभाष पर सूचित किया गया है । जबकि उपजिलाधिकारी लैंसडौन शालिनी मौर्य का कहना है कि कम्पनी द्वारा इंटरनेट व्यवस्था हेतु सर्वे कर सेटेलाइट लगवाया जा रहा है।तथा जन्म- मृत्यु प्रमाणित को लेकर तहसील रिखणीखाल स्तर पर ही दो दिन तहसीलदार बैठते हैं फाइनल के लिए आधिकारिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है।
