भारत विकास परिषद शाखा कोटद्वार के तत्वावधान मे गोपाल गौलोकधाम में (सवामणी ) गाै चारा वितरण कार्यक्रम किया गया तत्पश्चात पौधारोपण किया गया जिसके अन्तर्गत नीम के पौधे रोपे गये ।

Date:

Share post:

भारत विकास परिषद शाखा कोटद्वार के तत्वावधान मे गोपाल गौलोकधाम में (सवामणी ) गाै चारा वितरण कार्यक्रम किया गया तत्पश्चात पौधारोपण किया गया जिसके अन्तर्गत नीम के पौधे रोपे गये ।
गोपाल गौलोकधाम सेवा संस्थान मे आयोजित उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी जी ने किया । इस अवसर पर उन्होने कहा कि गोवंस को चारा खिलाना पुण्य का कार्य है ।
परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने सांसद जी का स्वागत किया ।
इस अवसर पर गोवंश को हरा चारा , गुड़ , चोकर आदि खिलाया गया तत्पश्चात नीम के पौधे रोपे गये ।
इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल, सचिव प्रदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल, उत्तराखंड भाजपा प्रवक्ता विपिन केन्थोला, जिला अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल ,मंडल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, कार्यक्रम में कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र जखमोला, डीपी अग्रवाल , श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ,राधे श्याम शर्मा ,राजदीप महेश्वरी श्री कृष्ण सिंघानिया , विष्णु अग्रवाल ,गौ धाम समिति के अध्यक्ष श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल ,जसपाल सिंह रावत जी ,भदोला जी एवं गोदाम के सेवादार उपस्थित

Related articles

सिंचाई राज्यमंत्री ऋषि कण्डवाल ने रिखणीखाल विकास खण्ड में सिंचाई योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

रिखणीखाल। उत्तराखण्ड सरकार की सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त ऋषि कण्डवाल ने शनिवार...

*कोटद्वार:8वें वेतन आयोग को पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की मांगें भेजीं – पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने किया आग्रह*

् 8वें वेतन आयोग को पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की मांगें भेजीं – पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने...

काण्डानाल में सिंचाई योजनाओं की समीक्षा, हर खेत तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: ऋषि कण्डवाल

रिखणीखाल। रिखणीखाल विकास खण्ड के काण्डानाल में सिंचाई राज्यमंत्री ऋषि कण्डवाल ने जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता की गरिमामयी...

*माता बगलामुखी, माहतम्य और उत्पत्ति की सुंदर कथा*आलेख संकलन ऋषि कण्डवाल,*लेखक उत्तराखण्ड सरकार में सिंचाई राज्य मंत्री हैं*

माता बगलामुखी की कथा अत्यंत शक्तिशाली और रोचक है। उन्हें दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या माना जाता...