भारत देश के 77 वें गणतंत्र दिवस नागरिक कर्तव्यों, सहसम्मान, उलब्धियों और विश्व शक्ति की और बढ़ता सशक्त भारत: 2026 की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं:आलेख एंव संकलन डॉ० अनुराग शर्माअसिस्टेंट प्रोफेसर वाणिज्य, राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी कोटद्वार,पौड़ी

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भारत देश के 77 वें गणतंत्र दिवस 2026 की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।
विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाले हमारे देश भारत का आज ऐतिहासिक 77 वाँ गणतंत्र दिवस है । सर्वविदित है की 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ । 26 जनवरी सन् 1950 को भारत ने संविधान को आत्मसात किया। संविधान को अपनाने के साथ ही हमारा देश भारत एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया। 26 जनवरी सन् 1950 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जी ने 21 तोपों की सलामी के साथ हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया। हम सभी भारतीयों के लिए यह ऐतिहासिक,अलौकिक एवं अविस्मरणीय पल रहा।आज का दिन ऐतिहासिक होने के साथ ही साथ हर भारतीय के लिए गौरव का दिन है क्योंकि आज ही के दिन हमारे संविधान के द्वारा सम्पूर्ण विश्व के साथ हमारा अटूट रिश्ता बन गया था। आज के इस पावन दिवस पर संविधान निर्माता हर उस जन नायक को स्मरण एवं नमन करने का है जिनके अनुकरणीय प्रयास के द्वारा ही हम अपनी एक अलग पहचान बना पाए। आज भारत विश्व शक्ति के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है तथा विकसित देशों की श्रेणी में शामिल होने के लिए तेज़ गति से कदम बढ़ा रहा है । भारत जल, थल, नभ तथा अंतरिक्ष में भी उन्नति एवं प्रगति की अमिट गाथा लिख रहा है। आज भारत की अनुकरणीय संस्कृति को अपनाने के लिए सम्पूर्ण विश्व आतुर है। भारत के विश्व शांति के संदेश को सम्पूर्ण विश्व अपना रहा है । भारत अपनी परंपरागत ज्ञान पद्धति के साथ साथ विज्ञान एवं नवीन प्रौद्योगिकी में भी परचम लहरा रहा है। भारत की धर्मनिरपेक्षता को सभी देश निहार रहे हैं तो भारत के प्रेम तथा अहिंसा के संदेश को भी संपूर्ण विश्व में सराहा जा रहा है । भारत आज खेल शक्ति के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है। भारत के मेक इन इंडिया प्रोग्राम से भारत में रोजगार का सृजन होने के साथ साथ युवा शक्ति का सकारात्मक उपयोग किया जा रहा है । रक्षा क्षेत्र में भारत हर रोज़ नई कहानियां लिख रहा है। अचंभित करने के साथ साथ गौरव की भी अनुभूति होती है जब हमारे रक्षा उपकरण अन्य देशों को निर्यात किए जाते है। आज भारत कौशल एवं उद्यमिता में नई ऊंचाईयों की और अग्रसर है।आज का दिन भारत की ऐतिहासिक एवं गौरवान्वित यात्रा के अवलोकन का साक्षी बनने का है तो साथ ही साथ सुंदर भविष्य के पथ प्रदर्शक बनने का भी है । हम सभी का परम कर्तव्य है कि अपने मौलिक कर्तव्य को आत्मसात कर जाति,धर्म, वर्ग,उपवर्ग, क्षेत्र,राज्य,भाषा तथा बोली से ऊपर उठकर सिर्फ और सिर्फ देश की उन्नति में कार्य करना सुनिश्चित करें। देश अगर उन्नति एवं प्रगति करेगा तो निश्चित रूप से हम सभी उन्नति एवं प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेंगे। भारत के जल्द ही विकसित राष्ट्र बनने की हार्दिक शुभकामना के साथ आप सभी को पुनः गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।🇮🇳🇮🇳🙏🙏
डॉ. अनुराग शर्मा,
असिस्टेंट प्रोफेसर वाणिज्य, राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी कोटद्वार,पौड़ी गढ़वाल,उत्तराखंड 246149
मो.न. 8279997284
dranuragsharma.@gmail.com

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