आप रुक जाऔ, नही तो मैं रूक जाऊंगा। आखिर क्यों हो रहे हैं कम आयु में लोग हिर्दय घात के शिकार – अजय तिवाड़ी

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कि दिल पर जोर नही: व्यंगात्मक रूप से लिखी एक बात मौजूदा हालात में बेहद सारगर्भित लगी कोई व्यक्ति बहुत तेज़ गति से चल रहा था हिर्दय की गति लगातार बढ़ रही थी तो उस व्यक्ति के हिर्दय ने उसे चेतावनी देते हुए कहा मालिक आप रुक रहे हो या मैं रुक जाऊँ यद्यपि यह एक व्यंग्य था लेकिन जिस तरह से कम आयु के लोग हिर्दय घात के चलते अपना जीवन गंवा रहे हैं ़यह चेतावनी के रूप में भी लिया जा सकता है।

मैने आज एक समाचार सुना क्रिकेट खेलते हुए एक खिलाड़ी को हार्ट अटैक आया और मैदान में ही उसकी मृत्यु हो गई। वहीं स्टेज पर नाचते हुए कई लोग हिर्दय घात से मर गये, मेरी एक परिचित महिला थीं दिन में खाना खाकर लेटी पर फिर जगी नही साइलेंट डेथ, यद्यपि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग इस पर बेहतर जानकारी दे सकते हैं लेकिन कोरोना ने मनुष्य को खोखला कर दिया है, जो कोरोना काल में जीवित रह गये उनके शरीर को कोरोना ने बुरी तरह प्रभावित किया है.

हार्ट, लंग्स तथा शरीर के दूसरे बॉडी पार्टस प्रभावित हुए हैं कई जानकर इस संदर्भ मे अपनी राय भी दे चुके हैं कि शरीर पर और खासकर दिल पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है इस लिए जिम के दौरान, खेल के समय या अधिक तेज गति से वॉक के समय अपनी ऊर्जा, दिल की धड़कन आदि पर नजर रखें अतिरिक्त दबाव बेहद हानिकारक हो सकता है, तनाव से बचें खूब नींद लें स्वस्थ रहें मस्त रहें। अजय तिवाड़ी सम्पादक अलग खबर डाटकाम

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