*सीमित स्टाफ के भरोसे चल रहा कोटद्वार क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालय, बढ़ती आबादी के बीच संसाधन बढ़ाने की मांग* *अजय तिवाड़ी सम्पादक अलग खबर*

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सीमित स्टाफ के भरोसे चल रहा कोटद्वार क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालय, बढ़ती आबादी के बीच संसाधन बढ़ाने की मांग

कोटद्वार। लगभग एक लाख सत्तर हजार की आबादी वाले नगर निगम क्षेत्र कोटद्वार में आवश्यक वस्तुओं, एलपीजी तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कार्यों का दायित्व संभाल रहे क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी कार्यालय को लंबे समय से कर्मचारियों की कमी की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में कार्यालय में एक पूर्ति निरीक्षक और दो क्लर्कों के सहारे व्यापक क्षेत्र की व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है, जबकि स्थानीय आवश्यकताओं और बढ़ते कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत महसूस की जा रही है।

जानकारों का मानना है कि कोटद्वार की लगातार बढ़ती जनसंख्या, शहरी विस्तार और सरकारी योजनाओं के बढ़ते दायरे को देखते हुए कार्यालय में कम से कम चार पूर्ति निरीक्षकों, दस क्लर्कों तथा कार्यालय सहायकों की नियुक्ति की आवश्यकता है। वर्तमान संसाधनों के साथ विभागीय कर्मचारियों को सामान्य कार्यों के अलावा आकस्मिक परिस्थितियों में भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।

हाल ही में ईरान-अमेरिका तनाव और उससे जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों के बीच देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर विभिन्न प्रकार की आशंकाएं सामने आई थीं। हालांकि केंद्र सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, इसके बावजूद कई स्थानों पर लोगों ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त खरीदारी शुरू कर दी। इसका असर गैस एजेंसियों और पूर्ति विभाग के कार्यभार पर भी देखने को मिला।

ऐसे समय में कोटद्वार के क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी करण क्षेत्री और उनके सीमित स्टाफ ने लगातार निगरानी और समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने का प्रयास किया। विभागीय स्तर पर की गई सतर्कता के कारण क्षेत्र में एलपीजी और पेट्रोलियम पदार्थों की कोई बड़ी कमी देखने को नहीं मिली और आम उपभोक्ताओं को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होती रहीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में सीमित कर्मचारियों के साथ कार्य करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण है। भविष्य में यदि किसी आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा या आपूर्ति संबंधी संकट का सामना करना पड़े तो अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता और अधिक बढ़ सकती है।

कोटद्वार के आम तथा बुद्धिजीवी लोगों का मानना है कि कोटद्वार जैसे तेजी से विकसित हो रहे नगर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के ढांचे को जनसंख्या के अनुपात में मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें और विभागीय कार्यों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। वर्तमान परिस्थितियां स्पष्ट संकेत देती हैं कि कोटद्वार क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालय में अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति समय की आवश्यकता बन चुकी है।

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