*एल नीनो नामक खतरनाक स्थति से बचना ही बेहतर* आलेख विमल भट्ट

Date:

Share post:

प्रिय परिवार के सदस्यों, मित्रों, विद्यार्थियों के माता-पिता और रिश्तेदारों से निवेदन…

हम इस समय जो अनुभव कर रहे हैं, वह सामान्य गर्मी नहीं है। यह “एल नीनो” नामक एक खतरनाक स्थिति का आगमन है। यह चुपचाप जान ले सकता है और हमारे प्रियजनों को हमसे दूर कर सकता है। जैसे-जैसे मई का महीना नजदीक आ रहा है, यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

😱 “एल नीनो” क्या है?
सरल शब्दों में, प्रशांत महासागर का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है। इससे पूरी दुनिया में हवाओं का प्रवाह बदल जाता है। सामान्यतः मई में वर्षा लाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार देर से आ सकता है या कमजोर हो सकता है। यानी जिस समय बारिश होनी चाहिए, उस समय तेज गर्मी पड़ सकती है।

🏠🔥 यह स्थिति बहुत खतरनाक है
स्वस्थ लोग भी हीट स्ट्रोक के कारण अपनी जान गंवा सकते हैं। इसलिए हमें अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत ये सावधानियां अपनानी चाहिए:

💧 प्यास लगने का इंतजार न करें – यह खतरनाक है!
प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर पहले ही डिहाइड्रेशन का शिकार हो चुका है। हर घंटे पानी पीते रहें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें कि वे पर्याप्त पानी पी रहे हों। हमेशा अपने पास पानी की बोतल रखें।

☀️🚫 सबसे खतरनाक समय: सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक
इस समय सूरज की किरणें सीधे शरीर पर पड़ती हैं।

  • जितना हो सके घर के अंदर रहें
  • स्कूल के खेल-कूद कार्यक्रमों को लेकर सावधानी बरतें
  • आपके बच्चे की जान किसी भी मेडल से ज्यादा कीमती है

👕 काले रंग के कपड़े पहनने से बचें
वे ज्यादा गर्मी सोखते हैं। सफेद या हल्के गुलाबी जैसे हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

⚠️ हीट स्ट्रोक के लक्षण:

  • तेज सिरदर्द
  • बेहोशी
  • उल्टी
  • बिना पसीने के सूखी त्वचा

अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत व्यक्ति को छायादार जगह पर ले जाएं, गीले कपड़े से शरीर को पोंछें और तुरंत अस्पताल लेकर जाएं।

🐾 जानवरों को न भूलें
अपने पालतू जानवरों के साथ-साथ सड़क के जानवरों की भी मदद करें।

  • घर के बाहर या दीवार के पास पानी रखें
  • उनके लिए छाया की व्यवस्था करें

🚰📢 अंत में…
इस संदेश को पढ़कर चुप न रहें। इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें। हमें आने वाली “एल नीनो” स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

याद रखें…
हम सुरक्षित रहेंगे तभी इस खतरे से बच पाएंगे।

किसी की जान बचाने के लिए इस संदेश को साझा करें।

Related articles

*रोटरी क्लब कोटद्वार व इन्ट्रेक्ट क्लब पृथ्वी विघा मन्दिर झण्डीचौड़ के तत्वावधान में प्रकृति, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अन्तर्गत...

रोटरी क्लब कोटद्वार व इन्ट्रेक्ट क्लब पृथ्वी विघा मन्दिर झण्डीचौड़ के तत्वावधान में प्रकृति, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण...

*सावन मास में शिव आराधना का महत्व, कैसें करें शिव पूजन, क्या फल मिलता है शिव पूजन से?* *ऋषि कण्डवाल(विद्वान लेखक उत्तराखण्ड सरकार...

शिव आराधनासावन मास में भगवान शंकर की पूजा उनके परिवार के सदस्यों संग करनी चाहिए। इस माह में...

पहाड़ की बोडीयां – जीवंत गाथा: महेंद्र पाल सिंह रावत, लेखक पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष हैं।

"पहाड़ की बोडीयां - जीवंत गाथा: लेखक पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष हैं। आलेख: महेंद्र, पूर्व...

हरैला पर्व पर ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में हुआ वृक्षारोपण, पार्षद प्रवेन्द्र सिंह रावत की रही गरिमामयी उपस्थिति

कोटद्वार। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति...