नही चलेंगी लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर जीएमओयू की बसें: यद्यपि लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर माननीय उच्चतम् न्यायालय ने निजी वाहनों के संचालन तथा सड़क निर्माण की अनुमति दे दी है लेकिन इस मार्ग पर बर्षो से संचालित गढ़वाल मोटर्स आनर्स यूनियन लिमिटेड (GMOULtd) , की बसों का संचालन रुक सकता है क्योंकि कम्पनीं की बसें व्यावसायिक वाहन हैं अत: इनके संचालन पर संशय की स्थति बन गई है, दूसरा हल्के मोटर वाहन जिनमें कमर्शियल कार, मैक्स आदि हैं,व्यावसायिक ट्रैक्टर हैं उनके संचालन पर भी माननीय न्यायालय के फैसले का असर दिखेगा। परंतु सबसे बड़ी और अच्छी बात यह है कि एक ऊबड़ खाबड़ सड़क जो दो नेशनल पार्क वफर जोन से गुजरती है अस्तित्व में आ रही है। वहीं जीएमओयू कम्पनी की बसें वर्षों से लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर संचालित हो रहीं है और इस क्षेत्र के आम लोगों के परिवहन का प्रमुख साधन भी हैं इस फैसले से जीएमओयू की बसों के संचालन मे रोक से जहाँ कम्पनी को आर्थिक क्षति तो होगी ही वहीं इस क्षेत्र के लगभग अठारह गाँव तथा कोटद्वार और भाबर की जनता को कहीं ना कहीं परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरा यह सड़क अस्तित्व में आ रही है बरसात के दिनों में यहाँ पर सड़क की दशा बहुत खराब हो जाती है, बीच में दो नदियाँ इस मार्ग से गुजरती हैं,
जिस पर एलीवेटेड मार्ग की मांग आम लोग तथा वन्य जीव प्रेमी कर रहे हैं। दो दो राष्ट्रीय पार्कों से गुजरने वाली इस सड़क पर हाथी, सिंह, गुलदार, बाघ, हिरन बारहसिंगा, चीतल के अतिरिक्त कुछ दूसरे प्रजाति के जीव दिखाई देते हैं, इसके साथ ही प्रवासी तथा अप्रवासी पक्षियों की बहुतायत यहाँ पाई जाती है, कुल मिलाकर इस सड़क को अगर एलीवेटेड बना दिया जाए तो एक तो यातायात सुगम होगा दूसरा वन्य जीवों तथा उनके प्राकृतिक आवास और विचरण अवाध्य जारी रहेगा जिससे मानव तथा वन्य जीव दोनों को परेशानी नही होगी , कुल मिलाकर लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग का अस्तित्व में आना कहीं ना कहीं इस क्षेत्र की बड़ी आबादी को राहत देने वाली साबित होगी क्योंकि कोटद्वार तथा भाबर तथा लालढांग क्षेत्र के लोगों को इस मार्ग के बन जाने से बड़ी सहुलियत होगी यह तय है।।। अजय तिवाड़ी।।



