तैड़िया गांव विस्थापन प्रक्रिया से इतर मिले मूलभूत सुविधाएं… बिनीता ध्यानी
प्रखण्ड रिखणीखाल के कोर जोन में बसे तैड़िया गांव के विस्थापन व विकास की तीस सालों के जद्दोजहद के बावजूद पांचवें डीएफओ के रूप में तैड़िया गांव भ्रमण पर राजीव भर्तृहरि,समीर सिन्हा, विनोद कुमार,जी सोनार, डॉ कोकोरोसे के बाद डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व तरुण एस पहुंचे।वर्ष 2000से 2016 तक की लम्बित विस्थापन प्रक्रिया को जीवंत रूप देने के लिए उन्होंने ग्रामीणों के समक्ष विकल्प खोले।
ग्राम तैड़िया में ग्राम पंचायत काण्डा प्रधान बिनीता ध्यानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तरुण एस ने सभी ग्रामीणों के समक्ष कोर जोन व बफर जोन को स्पष्ट किया।कहा कि शासन से मिले आदेश के अनुक्रम में वे गांव की परिस्थितियों का मुआयना करने स्वयं पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि तैड़ियाखाल से तैड़िया गांव के जेठनूं की दूरी एक किमी तीन सौ मीटर है। जिससे मुख्य रास्ता पैदल मार्ग की जीर्ण-शीर्ण अवस्था में देखा गया। गांव में विद्युतीकरण व पैदल मार्ग हेतु जहां तक नियमानुसार संभव हो प्रयास किया जायेगा। बेहतर है कि सभी ग्रामीण मिलकर पुनः वायलेंटरी रिलोकेशन को सहमत हों तो प्रक्रिया को जल्द परवान चढ़ा दिया जायेगा। जिसपर गांव बिनीता ध्यानी ने कहा कि गांव के लोगों की वन्य जीवों से सुरक्षा हेतु तीन किलोमीटर तक सोलर फेंसिंग,सोलर स्ट्रीट लाइटें,तैड़ियाखाल से तैड़िया गांव तक कम से कम छ: फीट रास्ता का नवीनीकरण व विद्युतीकरण की संभावना पर विचार किया जाये। जिस पर डीएफओ ने हर संभव प्रयास की बात कही। बैठक का संचालन करते हुए ग्रामीण डॉ. अम्बिका प्रसाद ध्यानी ने वर्ष 2000 से वर्तमान स्थिति तक दशा व दिशा से डीएफओ समेत सभी को अवगत कराया तथा भाविष्यिक संभावनाओं पर दृष्टिपात किया। इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी कृति नेगी, गोविन्द राम,मोहनलाल, ओमप्रकाश, प्रेम बल्लभ,काशम्बरी देवी,दिक्का, सुनीता देवी, चंदा देवी, सरिता देवी,रमा देवी,कमला देवी,अंजू देवी, बीरेंद्र, धनेश्वर, सुलोचना देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
