कोटद्वार, 15 सितंबर 2026। डॉ० पी० द० ब० हि० राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार गढ़वाल के देवभूमि उद्यमिता केंद्र द्वारा आज “एक दिवसीय उद्यमिता ओरिएंटेशन कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करना तथा उन्हें स्वरोजगार, व्यवसाय प्रारम्भ करने की प्रक्रिया एवं उपलब्ध उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य एवं आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी प्राध्यापकों द्वारा प्राचार्य ,सभी अतिथियों, प्राध्यापकों , कोओर्डिनेटर का बैज अलंकरण कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० (डॉ०) डी० एस० नेगी ने अपने सम्बोधन में विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान समय में युवाओं के लिए केवल रोजगार प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने तथा अपने कौशल एवं रुचि के अनुरूप उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन में देवभूमि उद्यमिता योजना के समन्वयक डॉ० गणेश चंद द्वारा किया गया एवं उपस्थित विद्यार्थियों को कार्यक्रम की विषयवस्तु एवं उद्यमिता के महत्व की जानकारी प्रदान की गई।
प्रोफेसर डॉ० दीपक पांडे, विशिष्ट अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए उद्यमिता एक महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने की सोच तक सीमित न रहकर स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन की दिशा में भी विचार करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल एवं रुचि को पहचानकर उसे सकारात्मक रूप से विकसित करने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ० रजत शर्मा, असि.प्रो. उद्यमिता विशेषज्ञ, EDII अहमदाबाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई सोच, नवाचार, कौशल विकास और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके द्वारा विद्यार्थियों की उद्यमशील सोच एवं समझ को परखने के लिए बूट कैंप टेस्ट भी करवाया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को पहचानने, उन्हें विकसित करने तथा भविष्य में उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया।
श्री डी० एस० चौहान, प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं विषय विशेषज्ञ, EDII अहमदाबाद ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि एक सफल उद्यमी के लिए नवीन विचार, समस्या की पहचान, अवसर की खोज, जोखिम उठाने की क्षमता तथा सही योजना आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान को व्यवसायिक अवसर में बदलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ.रविन्द्र कुमार असि प्रो. वाणिज्य ने महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य का, सभी आमंत्रित अतिथियों एवं उपस्थित प्राध्यापकों ,कर्मचारियों सभी छात्र – छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। देवभूमि उद्यमिता योजना समिति के सभी सदस्य डॉ. हेमंत जोशी, डॉ.जे.सी. भट्ट, डॉ. मीनाक्षी बर्मा एवं डॉ. रवीन्द्र कुमार, डॉ. रजनी चमोली ने कार्यशाला को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया एवं कार्यशाला के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग एवं योगदान देने वाले सभी प्राध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। उद्यमिता एवं कौशल विकास जागरूकता कार्यशाला के सफल आयोजन में कौशल विकास के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार एवं करियर काउंसलिंग की नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह एवं समिति के सभी सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
समाचार प्रेषक:
डॉ० गणेश चंद
कोऑर्डिनेटर, देवभूमि उद्यमिता योजना
डॉ० पी० द० ब० हि० राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार गढ़वाल
