गुलदार के आतंक पर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, कोटद्वार का वन विभाग घेराव, सौंपा ज्ञापन, , थम नहीं रहे गुलदार के हमले, जनहानि रोकने के लिए अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग।


कोटद्वार। कोटद्वार, यमकेश्वर, लैंसडौन एवं आसपास के वन क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे मानव–वन्यजीव संघर्ष को लेकर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, कोटद्वार ने आज उपवन संरक्षक, कोटद्वार (गढ़वाल) को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में विशेष रूप से कोटड़ीढांग–सनेह से लेकर वन क्षेत्र सिगड्डी तक गुलदार के बढ़ते आतंक का उल्लेख करते हुए कहा गया कि गुलदार की लगातार सक्रियता और हमलों से स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त, निगरानी और प्रभावी वन विभागीय कार्रवाई को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। *कांग्रेस ने ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के लगातार प्रयासों के बाद वन मंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक इस मामले को गंभीरता से उठाया गया था, जिसके पश्चात गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में एक पिंजरा भी लगाया गया। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि एक पिंजरा पर्याप्त नहीं है, क्योंकि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां और हमले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। *इसलिए प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त पिंजरों, कैमरा ट्रैप, नियमित गश्त एवं निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए*।
ज्ञापन में कांग्रेस ने यह भी कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री *माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के कार्यकाल में क्षेत्र में तार-बाड़ एवं सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में उसके क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्रवासियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है*। इसलिए क्षतिग्रस्त तार-बाड़ एवं सुरक्षा दीवार की पुनः मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण कराया जाए। *इसके साथ ही वन क्षेत्र के समीप स्थित कोटड़ीढांग प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज की सुरक्षा दीवार की भी तत्काल मरम्मत कराए जाने की मांग की गई*, ताकि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कांग्रेस ने कहा कि बच्चों को लगातार वन्यजीवों के खतरे के बीच पढ़ाई करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और विद्यालय परिसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
*इसके अलावा वन्यजीवों के हमलों में मृतकों एवं घायलों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित सहायता देने की मांग भी की गई*। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से गश्त एवं निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद धरातल पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस जनता की सुरक्षा के लिए आगे व्यापक जन आंदोलन करने को मजबूर होगी।
*इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विकास नेगी, महानगर अध्यक्ष मीना बछुवाण, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीन रावत, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. चंद्रमोहन खर्कवाल, एससी/एसटी प्रकोष्ठ जिला उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह खेतवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख/प्रदेश सचिव रुचि कैन्तुरा, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ महानगर अध्यक्ष बृजपाल सिंह नेगी, कार्यालय सचिव राजीव कपूर, धर्मेंद्र सिंह रावत, नथू सिंह अधिकारी, अनिल गुसाईं, देवेंद्र फर्त्याल, नंदन सिंह रावत, जयंत जोशी, सौरभ दुबे, शिवम भूषण, कुलवंत पुंडीर, सुमिता देवी, कुंदन सिंह, प्रदीप सिंह नेगी, सुल्तान सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे*।

