प्रधान संगठन रिखणीखाल ने जमकर विरोध किया जीवीजीरामजी का….
केंद्र सरकार द्वारा थोपी गई मनरेगा से संशोधित जीवीजीरामजी योजना समेत पंचायतराज अधिनियमों में की जा रही गतिविधियों का पुरजोर विरोध किया।बीते दिन ब्लाक मुख्यालय में हुई प्रधान संगठन की बैठक में वक्ताओं ने विभिन्न थोपी जा रही योजनाओं तथा अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अनर्गल हस्तक्षेप से प्रभावित हो रही ग्राम विकास योजनाओं का खुलकर विरोध किया गया। सर्वसम्मति से पूर्व में किए गए मनरेगा कार्यों के मैटीरियल पेमेंट, मजदूरी,कम से कम एक माह तक जीवीजीरामजी का कार्य शुरू न करने ,बीडीसी की बैठक का समय ग्यारह बजे की बजाय दस बजे से नियत करने तथा बीडीसी में पंचायत सम्बन्धी समस्याओं पर ध्यानाकर्षण,समस्त विभागों की उपस्थिति आवश्यक करने, संविदा कर्मियों का मानदेय पंचायत फंड टाइड अनटाइड से 4% कटौती न किये जाने तथा प्रखण्ड रिखणीखाल की समस्त ग्राम पंचायतों को बुश कटर मुहैया कराने , ग्राम पंचायतों में विवेकाधीन कोष बजटावंटन बढ़ाने, प्रधानों का मानदेय बढ़ाने सम्बन्धी आदि बिंदुओं पर चर्चा हुई। उपरोक्त विषयक ज्ञापन खण्ड विकास अधिकारी रिखणीखाल को देकर ब्लाक प्रमुख रेनू रावत से शिष्टमंडल अध्यक्ष प्रधान संगठन रिखणीखाल अरुणा रानी , बिनीता ध्यानी , दलजीत सिंह ने अपनी बात रखी। जिसमें प्रमुख रेनू रावत ने अधिकारियों कर्मचारियों तथा सभी पंचायत प्रतिनिधियों की आवश्यक बैठक कर निराकरण का आश्वासन दिया। सभागार की बैठक में लगभग उनचालीस ग्राम पंचायत प्रधान मौजूद रहे।ब्लाक अध्यक्ष अरुणा रानी रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में ठाकुर सिंह, सत्यपाल सिंह,रेखा देवी ,शांति देवी, सुनीता देवी, संगीता, रणबीर, कुलदीप,पूजा गुसाईं, प्रियंका समेत कई प्रधान शामिल रहे।
