*होली के रंग बच्चों के संग विकासखंड जयहरीखाल के मठाली संकुल के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में गरिमामयी वातावरण में मनाई गई होली* *अलग खबर डाटकाम *

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होली के रंग बच्चों के संग विकासखंड जयहरीखाल के मठाली संकुल के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालयों बुधगांव में श्रीमती जयश्री कंडवाल तथा श्री महेंद्र सिंह ,मेरुड़ा में श्री राजीव थपलियाल तथा राजेंद्र प्रसाद, मठाली में श्री रविन्द्र कुमार तथा खर्का में श्रीमती निधि नौटियाल द्वारा अपने -अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ रंगा रंग होली का त्यौहार बड़े हर्षोल्लाह से मनाया गया

.सभी विद्यार्थियों ने होली मिलन कार्यक्रम में बड़े जोश,उत्साह और उमंग के साथ प्रतिभाग किया एक दूसरे के ग़ुलाल व अन्य हर्बल रंग लगाए. चारों विद्यालयों के मार्गदर्शक शिक्षकों ने अपने विद्यार्थियों को होली के त्यौहार के महत्व और इसके दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बहुत ही अच्छे ढंग से समझाया.

अपने सम्बोधन में बुधगांव क़ी प्रधानाध्यापिका श्रीमती जयश्री कंडवाल ने कहा कि,हर वर्ष रंगों का त्योहार होली सभी के लिए खुशियां और एकता लेकर आता है. वसंत में मनाया जाने वाला यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. मठाली के सहायक अध्यापक श्री रविन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि,लोग एक-दूसरे पर रंग-बिरंगे रंग फेंकते हैं, उत्सवी संगीत पर नाचते हैं और स्वादिष्ट मिठाइयों का आनंद लेते हैं. यह ऐसा समय है जब बाधाएं मिट जाती हैं. दोस्त और अजनबी सभी प्यार और जश्न की भावना में एक साथ आते हैं. चंचल रंग जीवन की विविधता का प्रतीक हैं जो हमें मतभेदों को गले लगाने और खुशियां बांटने की याद दिलाते हैं.राजकीय प्राथमिक विद्यालय खर्का क़ी सहायक अध्यापिका श्रीमती निधि नौटियाल ने विद्यार्थियों से कहा कि,होली सिर्फ एक त्योहार नहीं है बल्कि यह याद दिलाता है कि खुशी, दयालुता और एकजुटता ही जीवन के सच्चे रंग हैं.भारत में होली के त्योहार की धूम खूब रहती है. होली पूरे देश में और यहां तक कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। रंगों के त्योहार के रूप में जानी जाने वाली होली वसंत के आगमन का प्रतीक है इसके अलावा बुराई पर अच्छाई की जीत और लंबी, ठंडी सर्दियों के अंत का प्रतीक है.मेरुड़ा के प्रधानाध्यापक श्री राजीव थपलियाल ने कहा कि यह एक ऐसा त्योहार है जो खुशी, सद्भाव और सकारात्मकता फैलाता है जिसमें लोग रंगों, नृत्य, संगीत और मिठाइयों के माध्यम से जश्न मनाने के लिए एक साथ आते हैं. विद्यालय प्रबंधन समिति मेरुड़ा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि,होली केवल एक त्योहार नहीं है बल्कि यह जीवन का उत्सव है प्रेम, खुशी और एकजुटता का उत्सव है. अंत में अपने सम्बोधन में ग्राम सभा मेरुड़ा के ग्राम प्रधान श्री दीनदयाल जदली ने कहा कि, यह हमें क्षमा की शक्ति, विविधता की सुंदरता और खुशी बांटने के महत्व की याद दिलाता है.आइए हम इसके असली सार को याद रखें: प्यार फैलाना, बाधाओं को तोड़ना और मानवता के सच्चे रंगों को अपनाना

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