सतपुली:गरीबों के मसीहा सुंदर सिंह चौहान के परलोक गमन से हर आंख हुई नम: जगमोहन डांगी/अजय तिवाड़ी:

Date:

Share post:

गरीबों के मसीहा सुंदर सिंह चौहान के परलोक गमन से हर आंख हुई नम: जगमोहन डांगी/अजय तिवाड़ी: गरीबों असहायों,

जरूरतमंदों की मदद के लिए हर घड़ी जिनके हाथ उठे रहते विधि का विधान देखिए वह पुण्य महा आत्मा इस मृत्यु लोक से गमन कर श्रीधाम को चली गयी और अपने पीछे हजारों हजार नम आँखों से कर्मभूमि सतपुली (मलेठी) से हमेशा के लिए विदा हो गये पीछे छोड़ गये अपने महान कार्य लेकर गये अपने पुण्य कार्य हजारों दुआयें। सच में सुंदर सिंह चौहान केवल उद्यमी ही नही थे वे हजारों गरीबों की उम्मीद भी थे

जिसको हर ओर से निराशा मिलती सुंदर सिंह चौहान जी के घर से कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नही लौटा व्यवसाय के हालात अच्छे हों या कठिन उन्होंने हर स्थित में जरूरतमंदों की जितना बना मदद की। उनकी सोच व्यापक थी संकीर्णता की जगह बड़ी सोच ने सुंदर सिंह चौहान जी को महामानव बना दिया, बुजुर्गजनों के लिए बनाया अत्याधिक सुविधाओं से सम्पन्न ठाकुर सुंदर सिंह चौहान वृद्धाश्रम,

सतपुली नगर से सात किलोमीटर की दूरी पर ठाकुर सुंदर सिंह चौहान जी ने एक अत्याधिक सुविधाओं से सुसज्जित वृद्धाश्रम की स्थापना की जिसमें अपनी ही औलाद से ठुकराये गये अथवा औलाद विहीन वृद्ध जनों को ससम्मान आश्रय देने के लिए एक भव्य आश्रम की स्थापना की, जिसमें सैकड़ों वृद्धजनों को ना केवल सहारा और आश्रय मिल रहा है बल्कि उनकी चिकित्सा तथा सम्मान उनके तीर्थ यात्रा आदि के लिए कार्ययोजना बनी है कितनी महानता थी उन महा मानव में, हजारों गरीब कन्याओं का करवाया विवाह, समाज हित के लिए स्वर्गीय ठाकुर सुंदर सिंह चौहान जी के अनगिनत कार्य है गरीबों की मदद के लिए ठाकुर सुंदर सिंह चौहान जी सदैव अग्रणी रहते थे उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की सैकड़ों गरीब कन्याओं का विवाह अपने आश्रम से करवाया और गरीब कन्याओं को भविष्य के जीवन के उपयोग में आने वाली सामग्री के साथ विधि विधान से गरीब कन्याओं का विवाह करवाया, स्वरोजगार अपनकर युवाओं को देते थे प्रेरणा, स्वर्गीय ठाकुर सुंदर सिंह चौहान जी पहाड़ की जवानी उसकी मेहनत और लगन को पहाड़ के हित में उपयोग में लाने के प्रयास में जीवनभर लगे रहे वे कहते थे सरकारों के भरोसे तथा सरकारी नौकरी के भरोसे रह कर पहाड़ का पलायन तथा पहाड़ का विकास सम्भव नही है पहाड़ की जवानी तथा पहाड़ का पानी पहाड़ के काम आये वै यही चाहते थे स्वर्गीय सुंदर सिंह चौहान जी कहते थे हर घर में गाय और हर खेत में धान्य जब तक नही होगा पहाड़ के पुराने दिन तब ही लौटेंगे, कितना व्यापक था वह व्यक्तित्व कितना विशाल था उनका दृष्टिकोण , ठाकुर सुंदर सिंह चौहान जी आज यह भू लोक छोड़कर बैकुंठ धाम को गमन कर गये लेकिन उनके महान विचार उनकी बड़ी सोच सरलता सहिर्दयता, उदारता उनसे मिलने वाले हर इंसान के दिलों में सदैव चिर स्थाई रूप से विद्यमान रहेंगे अपने महान कर्मो से यह पुण्यात्मा श्रीधाम को गमन को गमन कर चुकी है, महान समाज सेवी ठाकुर सुंदर सिंह चौहान जी को भावभीनी श्रद्धांजलि, अजय तिवाड़ी/ जगमोहन डांगी।

Related articles

*पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग में सहयोग...

पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत जी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार...

श्रीनगर गढ़वाल:श्रीनगर: प्रारम्भ हुई सी०डी०एस० एवं एन०डी०ए० परीक्षा-2026,

श्रीनगर: प्रारम्भ हुई सी०डी०एस० एवं एन०डी०ए० परीक्षा-2026, आज दिनांक 12.04.2026 को जनपद पौड़ी के श्रीनगर क्षेत्र में सी०डी०एस०...

*एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, 10 गैस गोदामों और प्रतिष्ठानों का किया औचक निरीक्षण* *खाद्य तथा आपूर्ति विभाग की कवायद*

एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, 10 गैस गोदामों और प्रतिष्ठानों का किया औचक निरीक्षण जनपद में एलपीजी गैस...

कोटद्वार: राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी के वाणिज्य परिषद के तत्वाधान में परिषदीय कार्यक्रम का आयोजन ।

वाणिज्य परिषद के तत्वाधान में परिषदीय कार्यक्रम का आयोजन । आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 को वाणिज्य परिषद...