*महाकुंभ में संगम के जल की शुद्धता को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा भाजपा नेता अपने घरों में खाने में उपयोग करें संगम का जल, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सदन में संगम के जल की शुद्धता की रिपोर्ट के रखे आंकड़े*। *अजय तिवाड़ी*

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भाजपा नेताओं के घर भेजें संगम का पानी: अखिलेश यादव- एक ओर जहाँ लगभग पचास करोड़ से अधिक लोग महाकुम्भ में स्नान कर चुके हैं लेकिन प्रयाग राज संगम में पानी की शुद्धता को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष में तकरार शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संगम में पानी की शुद्धता को लेकर सवालिया निशान लगा दिए हैं, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश तथा दिल्ली दोनों सरकारों के संगम के जल की शुद्धता को लेकर अलग अलग दावे हैं, उन्होंने आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया कि यदि संगम का जल शुद्ध है तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के घरों तक टैंकर के माध्यम से संगम का जल भेजा जाना चाहिए

तथा भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की रसोई भी इसी पानी से बननी चाहिए। इससे पूर्व विपक्ष के संगम के जल की शुद्धता पर लगाये आरोप पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संगम के जल की शुद्धता को लेकर रिपोर्ट के आंकड़े विधानसभा में रखते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट में संगम का पानी शुद्धता के मानकों को पूरा करते हैं

लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के संगम के जल की शुद्धता के आंकड़ों को अस्वीकार करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इस जल का उपयोग भाजपा नेताओं को अपने घर में उपयोग में लाना चाहिए। यद्यपि बद्रीनाथ से लेकर जोशीमठ, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर गढ़वाल, देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर और प्रयागराज तक गंगा की स्वच्छता की स्थिति को लेकर भाजपा से पूर्व की सरकारों ने खानापूर्ति भर की है तथा गंगा की स्वच्छता को लेकर वर्तमान तथा पूर्व की सरकारों की कोई स्पष्ट कार्ययोजना नही रही है नमामि गंगे योजना में पैसा तो लगा लेकिन कार्य बहुत अच्छा हुआ यह नही कहा जा सकता। गंगा तथा हिमालय एक दूसरे के पूरक हैं गंगा की शुद्धता को लेकर गौमुख से लेकर कम से कम प्रयागराज तक स्पष्ट तथा कठोर नीति बनाने की आवश्यकता है यद्यपि इससे सरकार को लोकप्रियता का डेंट झेलना पडे़। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने नोटबंदी जैसा कदम उठाकर यह काम किया है तो गंगा की शुद्धता को लेकर खासकर सीवर जल औद्योगिक अवशिष्ट तथा कानपुर में चमडा़ फैक्टरियाँ जिनके दूषित पानी को सीधे गंगा नदी में डाला जाता है कठोरता से रोकने की आवश्यकता है। गंगा नदी भारत की आत्मा है गंगा का जल मोक्षदायिनी तो है ही देश की समृद्धि में सिंचाई, विद्युत उत्पादन से देश को समृद्ध बनाती है। कुंभ भाजपा तथा समाजवादी पार्टी की राजनीति से पूर्व भी सनातन काल से चला आ रहा है और भाजपा तथा समाजवादी पार्टी के बाद भी अनवरत रहेगा , संगम के जल की पावनता शुद्धता बनी रहनी चाहिए क्योंकि यह दल दल की राजनीति का नही करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रतीक है, गंगा भारत की आत्मा है जिसकी शुद्धता निश्चित रूप से बनी रहनी चाहिए। यद्यपि लगभग साठ करोड़ लोगों के स्नान से संगम का जल प्रभावित भी होगा यह तय है लेकिन श्रद्धा का सैलाब और आस्था का यह महाकुम्भ अनवर जारी रहेगा इसी विराटता तथा विशालता के साथ सदैव।।। अजय तिवाड़ी। सम्पादक।

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