खोह नदी में नियमों के विरुद्ध हुए सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य पर पूर्व सैनिक संघर्ष समिति ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी की ओर से आपत्ति जताने के बाद भी संबंधित विभाग समस्या को लेकर लापरवाह बना हुआ है। यदि समय रहते धरातल की स्थिति नहीं सुधारी गई तो गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी वर्षाकाल में खोह नदी आबादी में तबाही मचाएगी। जिससे लोगों को जान-माल का खतरा हो सकता हैं।
बुधवार पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। पूर्व सैनिकों ने बताया कि आबादी के बीच से होकर गुजरने वाली खोह नदी प्रतिवर्ष वर्षाकाल में तबाही मचाती है। गत वर्ष कई भवन खोह नदी के वेग में बह गए थे। जिसके कारण बाढ़ प्रभावितों को किराए के भवनों में जीवन गुजारना पड़ रहा है। बताया कि लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम नदी के तटों पर सुरक्षा दीवार बना रहा है। लेकिन, खोह नदी मुक्ति धाम ट्रेंचिंग ग्राउंड के समीप नियमों की अनदेखी कर बनाई जा रही सुरक्षा दीवार से लोगों को और अधिक बाढ़ का खतरा सताने लगा हैं। हालत यह है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड की चौड़ाई बढ़ाने के लिए नदी के बीच से ही सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। ऐसे में चौड़ाई कम होने से नदी का पूरा वेग आबादी की ओर होगा। बताया कि पूर्व में सिंचाई विभाग ने निगम के इस कार्य पर सवाल भी खड़े किए हैं। विभाग का कहना है कि इस संबंध में नगर निगम ने उनसे किसी भी प्रकार की एनओसी नहीं ली है। ज्ञापन देने वालों में ठाकुर सिंह, गोपाल सिंह नेगी, अनुसुया प्रसाद सेमवाल आदि मौजूद रहे।
अध्यक्ष महेन्द्र पाल सिंह रावत
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार



