मानद कप्तान डी एस रावत, वीर चक्र, आई डी एस एम, तृतीय गढ़वाल राइफल्स
उत्तराखंड के वीर सपूतों में से एक मानद कप्तान डी एस रावत, वीर चक्र, आई डी एस एम, तृतीय गढ़वाल राइफल्स हैं। उन्हें सी एन सी के एम करियप्पा के द्वारा सम्मानित किया गया था। आज उनकी गाथा केवल कागजों में सिमट कर रह गई है।
शहीदों के सम्मान से मिलती है नई पीढ़ियों को प्रेरणा और देशभक्ति का जज्बा
उत्तराखंड के वीर सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीदों के सम्मान से नई पीढ़ियों को प्रेरणा और देशभक्ति का जज्बा मिलता है।
वीरता पदक विजेताओं का सम्मान
उत्तराखंड में कई वीरता पदक विजेता हैं जिन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पाया है। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार ने इन वीर सपूतों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। समिति शासन प्रशासन को पत्र लिखकर इन विभूतियों के नाम से स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, औद्योगिक प्रतिष्ठान, मेडिकल कॉलेज और पार्क खोलने का अनुरोध करेगी।
शहीदों की याद में बनेंगे स्मारक
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार का उद्देश्य शहीदों की याद में स्मारक बनाना है। इससे नई पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान की कहानियों से प्रेरणा मिलेगी और वे देशभक्ति के जज्बे से ओत-प्रोत होंगे।
देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए
शहीदों के सम्मान से देशभक्ति का जज्बा जगाया जा सकता है। इससे नई पीढ़ियों में देश के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना पैदा होगी। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार का यह प्रयास उत्तराखंड के युवाओं को देश के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करेगा।
शासन प्रशासन का सहयोग आवश्यक
इस कार्य के लिए शासन प्रशासन का सहयोग आवश्यक है। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार शासन प्रशासन के साथ मिलकर शहीदों के सम्मान के लिए काम करेगी। इससे उत्तराखंड के वीर सपूतों को उचित सम्मान मिलेगा और नई पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
प्रेरणा
शहीदों के सम्मान से नई पीढ़ियों को प्रेरणा और देशभक्ति का जज्बा मिलता है। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार का यह प्रयास उत्तराखंड के वीर सपूतों को सम्मानित करने और नई पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन प्रशासन के सहयोग से यह कार्य सफल होगा और उत्तराखंड के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जगाया जा सकेगा।
महेंद्र अध्यक्ष
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार के अध्यक्ष महेंद्र जी ने कहा कि शहीदों के सम्मान के लिए समिति निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने शासन प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह शहीदों के सम्मान के लिए समिति के साथ मिलकर काम करे। इससे उत्तराखंड के वीर सपूतों को उचित सम्मान मिलेगा और नई पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।



