चमोली/पीपलकोटी। उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और भारी मात्रा में मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के समय टनल के अंदर काम कर रहे 22 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 21 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल हैं। एक मजदूर अभी भी लापता बताया जा रहा है और उसकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच हुआ। चमोली के पीपलकोटी क्षेत्र में THDC की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी घुस आया। पुलिस के अनुसार, टनल के भीतर लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर एक कैविटी से अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा बाहर आया, जिसके बाद यह मलबा करीब 1.50 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गया। वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद टनल के अंदर अफरा-तफरी मच गई। अचानक पानी और मलबे के तेज बहाव के कारण मजदूरों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

22 मजदूर फंसे, 21 बाहर निकाले गए
THDC के प्रोजेक्ट मैनेजर और प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त टनल में कुल 22 लोग मौजूद थे। शुरुआती रेस्क्यू के बाद मजदूरों को एक-एक करके बाहर निकाला गया। शुक्रवार सुबह तक 21 लोगों को बाहर निकाले जाने की पुष्टि हुई, जिनमें 7 मजदूरों को मृत घोषित किया गया और 14 घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया। एक मजदूर अभी भी लापता है।
घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षित बाहर निकाले गए मजदूरों में कुछ की हालत गंभीर भी बताई गई है। प्रशासन की ओर से घायलों को जरूरत पड़ने पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
टनल में बढ़ा पानी और कीचड़, रेस्क्यू में आई मुश्किल
हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर लगातार बढ़ रहा पानी और कीचड़ है। मलबे के कारण सुरंग के प्रभावित हिस्से तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से रेस्क्यू टीमों को बेहद सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, टनल से पानी बाहर निकालने के लिए तीन बड़े पंप लगाए गए हैं। वहीं भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम भी किया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दल लापता मजदूर तक पहुंचने के लिए प्रभावित हिस्से को लगातार साफ करने में जुटे हैं।
NDRF, SDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
घटना की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में कई एजेंसियों को लगाया गया है। SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं, जबकि पुलिस, CISF, ITBP और सेना की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हैं। जिला प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की जा रही है।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव दलों का मुख्य लक्ष्य टनल में फंसे या लापता मजदूर को जल्द से जल्द ढूंढकर सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा
हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में उच्चस्तरीय बैठक कर रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने प्रशासन और राहत एजेंसियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मृतकों और घायलों में कई राज्यों के मजदूर
प्रशासन की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में उत्तराखंड के टिहरी और चमोली के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं, जबकि अन्य मृतक बिहार और झारखंड के रहने वाले बताए गए हैं।
घायलों में भी झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के मजदूर शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के एक-एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
जलविद्युत परियोजना की टनल में हुआ हादसा
यह हादसा THDC की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ है। परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय बड़ी संख्या में मजदूर टनल के अंदर काम कर रहे थे।
प्रारंभिक जानकारी में हादसे की वजह टनल के अंदर अचानक पानी और मलबे का प्रवेश बताई गई है। पुलिस के अनुसार, टनल के अंदर एक कैविटी से अचानक पानी और मलबा आने के बाद स्थिति बिगड़ी। हादसे की विस्तृत वजह और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच आगे की जाएगी।
एक मजदूर अभी भी लापता, तलाश जारी
रेस्क्यू अभियान में अब तक बड़ी सफलता के बावजूद एक मजदूर के लापता होने की सूचना है। बचाव दल टनल के उस हिस्से में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जहां पानी और मलबा जमा है। हालांकि, लगातार पानी और कीचड़ के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि लापता मजदूर की तलाश प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। रेस्क्यू टीमों के साथ भारी मशीनें और पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। अभियान की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त बचाव दलों को भी तैनात किया जा सकता है।
हादसे ने फिर उठाए निर्माणाधीन टनल की सुरक्षा पर सवाल
चमोली जैसे पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंगों में अचानक पानी और मलबे के प्रवेश की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। इस हादसे ने एक बार फिर टनल निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भूगर्भीय निगरानी, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव अभियान पर है। एक मजदूर के सुरक्षित बाहर आने तक रेस्क्यू टीमों का अभियान जारी रहेगा। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों में शोक का माहौल है, जबकि घायल मजदूरों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
ताजा स्थिति: 22 मजदूर हादसे की चपेट में आए थे। 21 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 7 की मौत और 14 घायल हैं। एक मजदूर अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।



